मगर हरियाणा विधानसभा चुनाव में गठबंधन के दलों के साथ कांग्रेस ने रुचि नहीं दिखाई और आज यह परिणाम देखने को मिला जबकि हरियाणा का किसान, जवान और दलित भाजपा की नीतियों और शासन के खिलाफ था लेकिन कांग्रेस पार्टी द्वारा एक राय और एक साथ होकर चुनाव नही लड़ने की वजह से पुन: हरियाणा के किसानों, दलितों और युवाओं को निराशा हाथ लगी। हालांकि लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि है मगर फिर भी कांग्रेस पार्टी के आलाकमान को अब गंभीरता से सोचने की जरूरत है।