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अब गुरुग्राम में हिंदुवादी संगठनों ने की नमाज पढ़ने वालों की नागरिकता जांचने की मांग

हरियाणा में खुले में नमाज पढ़ने को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और इस मुद्दे को अब पहले से ज्‍यादा तूल दिया जा रहा है।
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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 10 May 2018, 12:55 PM IST

gurugram

गुरुग्राम। दिल्‍ली से लगे गुरुग्राम में खुले में नमाज का मसला पहले से ज्‍यादा गंभीर होता जा रहा है। इस मुद्दे पर सीएम एमएल खट्टर का बयान आने के बाद से हिन्दुवादी संगठन पहले से ज्‍यादा मुखर हो गए हैं। अब उन्‍होंने नमाज पढ़ने वाले मुसलमानों के नागरिकता की जांच की मांग कर दी है। इन संगठनों के नेताओं का कहना है कि ये लोग बांग्‍लादेशी हैं। इसके अलावा इस बात की भी मांग उठी है कि नमाज के लिए कुछ जगहें तय की जाएं, जो मंदिरों से कम से कम दो किलोमीटर की दूरी पर हों।

लोगों की नजर में अवैध प्रवासी हैं नमाजी
बजरंग दल, हिन्दू जागरण मंच, विश्‍व हिंदू परिषद, स्वदेशी जागरण मंच, अखिल भारतीय हिन्दू क्रांति दल, संस्कृति गौरव समिति और संस्कार भारती जैसे कई हिंदू संगठनों ने संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति इस मुद्दे को लेकर अभियान चला रहे हैं। इन संगठनों के नेताओं ने अब इस मुद्दे को अवैध प्रवासियों से जोर दिया है। वाजीराबाद गांव के पूर्व प्रमुख सुबे सिंह बोहरा कहते है कि प्रशासन को वेंडरों की नागरिकता की जांच भी करनी चाहिए क्योंकि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब नमाज में कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा खलल पैदा की गई।

हिंदुवादी संगठनों का मनोबल बढ़ा
आपको बता दें कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि खुले में नमाज अदा नहीं की जानी चाहिए। इसके एक दिन बाद हरियाणा के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. अनिल विज ने बयान दिया था कि खुले मे नजाम पढ़ने का मकसद सार्वजनिक संपत्ति कब्‍जाने की है। उन्‍होंने इस बात की आशंका जाहिर की थी कि नमाजियों की मंशा सही नहीं है। दूसरी तरफ हिंदुवादी संगठनों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि खुली जगहों पर नमाज पढ़ने की संख्या कम कर पांच तक सीमित कर देनी चाहिए। इन संगठनों की अगुवाई कर रहे महावीर भारद्वाज ने कहा कि प्रशासन को नमाज के लिए तय खुली जगहों की संख्या को कम कर पांच तक सीमित कर देना चाहिए। ये सभी जगहें मन्दिरों से कम से कम दो किमी के दायरे में नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने नमाज अदा करने वाले लोगों की नागरिकता की जांच करने की भी मांग की है।