जम्मू-कश्मीरः Hurriyat Conference को बड़ा झटका, Syed Ali Shah Geelani ने दिया इस्तीफा

  • Jammu Kashmir में Hurriyat Conference से Senior Leader Syed Ali Shah Geelani Resigns
  • बोले- पार्टी के मौजूदा हालातों को देखते हुए सभी फॉर्म से खुद को किया अलग
  • बिगड़ी तबीयत और बढ़ती उम्र भी हो सकती है बड़ी वजह

By: धीरज शर्मा

Published: 29 Jun 2020, 01:59 PM IST

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर ( Jammu Kashmir ) में सोमवार का दिन काफी अहम रहा। एक तरफ आतंकियों का सफाया तो दूसरी तरफ राजनीतिक उठा-पटक। हुर्रियत कॉन्फ्रेस ( Hurriyat Conference ) को बड़ा झटका लगा है। दरअसल अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ( Syed Ali Shah Geelani Resigns ) ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से इस्तीफा दे दिया है।

गिलानी ने एक ऑडियो संदेश ( Audio Message ) जारी करते हुए कहा है कि अपने इस फैसले के बारे में मैंने सभी को बता दिया है। उन्होंने कहा कि मैं हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के मौजूदा हालातों को देखते हुए ये फैसला लिया है। आपको बता दें कि सैयद शाह अली शाह गिलानी कई बार विवादों में रहे। खास तौर पर कश्मीर को देश का आंतरिक मुद्दा ना बताकर बड़ा विवाद खड़ा किया था।

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पार्टी के सभी फॉर्म से हुए अलग
सैयद अली शाह गिलानी ने एक ऑडियो संदेश के जरिए हुर्रियत से अपने सारे रिश्ते खत्म किए। उन्होंने कहा- हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के मौजूदा हालात को देखते हुए मैंने हुर्रियत के सारे फॉर्म से अलग होने का फैसला लिया है। इस फैसले के बारे में हुर्रियत के सारे लोगों को खत के जरिये सूचना भी दे दी है।

तबीयत खराब होना भी बड़ी वजह
दरअसल गिलानी के इस्तीफे के पीछे उनकी बढ़ती उम्र और खराब तबीयत भी बड़ी वजह मानी जा रही है। 90 वर्ष के अलगाववादी नेता गिलानी की सेहत पिछले कुछ महीनों से ठीक नहीं चल रही है। इसी वर्ष फरवरी में उन्हें अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था। इसके बाद कई उनके तबीयत खराब होने की खबरें सामने आईं।

2019 में वायरस हुआ था वीडियो
गिलानी का वर्ष 2019 में एक वीडियो वायरस हुआ था। इस वीडियो में उन्होंने कहा था कि 'हम पाकिस्तानी हैं और पाकिस्तान हमारा है।' इस वीडियो के गिलानी के नाम से ही गैर वेरिफायड ( जिस पर ब्लू राइट का चिन्ह ना हो ) ट्विटर अकाउंड से मई के महीने में साझा किया गया था।

आतंकी संगठनों से फंड लेने का आरोप
गिलानी समेत अन्य हुर्रियत नेताओं के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लश्कर-ए-तैयबा से कथित तौर पर फंड लेने पर मामले में जांच भी की थी। दरअसल इस दौरान सैयद अली शाह गिलानी पर आरोप था कि उन्‍होंने जम्मूृ- कश्मीर में विध्‍वसंक गतिविधियों के लिए आतंकी संगठन से पैसे लिए।

यही नहीं गिलानी कई बार विवादों में भी रहे। इसमें कश्मीर को लेकर उनके बयान जमकर सुर्खियां बंटोरी। गिलानी ने कहा था कि कश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है।

धीरज शर्मा
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