
अगर एनडीए की सत्ता में वापसी हुई तो इसके लिए जिम्मेदार कौन?
नई दिल्ली। 17वीं लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है लेकिन इस बात के संकेत अभी तक नहीं मिले हैं कि सरकार कौन बनाएगा। इस बार सियासी विश्लेषक भी इस बात का अनुमान नहीं लगा पा रहे हैं कि मोदी सत्ता में वापसी करेंगे या फिर कांग्रेस महागठबंधन में शामिल दलों के साथ मिलकर सरकार बनाएगी। जबकि सातवें चरण का चुनाव अब केवल औपचारिकता भर रह गया है। अहम सवाल यह है कि इस बार सरकार कौन बनाएगा?
अभी तक किसी के पास नहीं इसका जवाब
इस मुद्दे पर चाहे आप किसी से भी बात कर लें सभी यही कहते नजर आते हैं कि इसके लिए तो आपको 23 मई तक इंतजार करना होगा। न तो बड़े-बड़े सैफोलॉजिस्ट और न ही चुनाव मैदान उतरे महारथी इसका आपको सही सही जवाब दे पाने की स्थिति में हैं। हां, सबके अपने-अपने दावे लोगों को भ्रम में जरूर डाल रहे हैं। कहने का मतलब है कि 17वीं लोकसभा का विजेता कौन होगा इसका जवाब अभी तक किसी के पास नहीं है। लेकिन कुछ तथ्यों पर अगर आप गौर फरमाएं तो आप इस बात का अनुमान मुश्किल भी नहीं है कि इस महासमर का विजेता कौन हो सकता है?
वैकल्पिक नेतृत्व
राजनीतिक नेतृत्व को लेकर वैश्विक स्तर पर सर्वमान्य धारणा यह है कि पस्थितियां खुद अपना नेता चुन लेती हैं। 17वीं लोकसभा चुनाव में भी ऐसा ही होने वाला है। ऐसा भरोसे के साथ इसलिए कहा जा सकता है कि आप चाहे किसी से पूछ लीजिए कि भारत में मोदी को टक्कर देने की स्थिति में कौन है तो इसका जवाब स्पष्ट शब्दों में किसी के पास नहीं है। इस बात को कांग्रेस और देश के सभी सियासी क्षत्रपों का जवाब पुष्ट करते भी नजर आते हैं। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसीआर, चंद्रबाबू नायडू, मायावती, अखिलेश, तेजस्वी यादव, ममता बनजम सभी यही कहते नजर आते हैं कि लीडर का चुनाव हम परिणाम आने के बाद तय कर लेंगे। ऐसी स्थिति में अगर हम नेतृत्व की सिचुएशनल थ्योरी की ही बात करें तो साफ है कि देश का अगला पीएम कौन होगा?
Published on:
14 May 2019 04:34 am
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