
आजाद भारत में देश का बजट पेश करने वाली पहली और आखिरी महिला थीं इंदिरा गांधी
नई दिल्ली। भारत में पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद सबसे ज्यादा समय तक इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री रहीं। उन्होंने एक बार देश का बजट भी पेश किया था। आजाद भारत में उसके बाद किसी और महिला मंत्री को संसद में बजट पेश करने का अवसर नहीं मिला। यानी देश का बजट पेश करने वाली वो पहली और आखिरी महिला वित्त मंत्री थीं। लेकिन इस बात को बहुत कम लोग जानते हैं। बता दें कि उन्होंने 28 फरवरी, 1970 में संसद में बजट भाषण दिया था।
दूसरी महिला अब तक नहीं बनीं वित्त मंत्री
28 फरवरी, 1970 पहला मौका था कि जब देश कि किसी महिला वित्त मंत्री ने देश का बजट भाषण दिया था। उसके बाद किसी महिला द्वारा बजट पेश करने को 49 साल बीतने को है। 27 जून, 1970 को इंदिरा गांधी ने वित्तमंत्री पद से इस्तीफा दिया और नए वित्त मंत्री यशवंतराव बलवंत राव चव्हाण बनाए गए। उसके बाद से अभी तक किसी भी महिला मंत्री देश का बजट पेश नहीं किया है। आपको बता दें कि पहली बार जब इंदिरा गांधी जब प्रधानमंत्री बनीं तो 1969 में पहली बार वित्त मंत्रालय का कार्यभार भी संभाला था। मोरारजी देसाई के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वित्त मंत्रालय भी संभाला था। इंदिरा गांधी ने 16 जुलाई, 1969 से लेकर 27 जून, 1970 तक प्रधानमंत्री के साथ-साथ वित्त मंत्री भी रही।
जानिए, इंदिरा के बजट की प्रमुख बातें
1. 1970 का बजट पूरे 15 पेज का था जो दो भागों में बंटा हुआ था। इस बजट में कुल 55 पॉइंट्स थे।
2. उस समय बजट भाषण देते हुए इंदिरा गांधी ने ओवरऑल ग्रोथ रेट पांच से साढ़े पांच प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई थी।
3. प्रत्यक्ष कर यानी आयकर छूट की सीमा 40 हजार रुपए कर दी।
4. इंदिरा गांधी ने केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 2,637 करोड़ रुपए का प्रस्ताव पेश किया।
5. गांधी ने कराधान से 3,867 करोड़ रुपए की आमदनी का अनुमान लगाया था।
6. सिगरेट पर ड्यूटी टैक्स 3 फीसदी से बढ़ाकर 22 फीसदी कर दिया।
7. कृषि और संबंधित क्षेत्र के बजट पर 39 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की गई और 84 करोड़ रुपए ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन के लिए बढ़ाये गए।
8. कराधान की मौजूदा दरों पर राजस्व 3,587 करोड़ रुपए से बढ़कर 3,867 करोड़ रुपए होने की उम्मीद लगाई गई।
9. प्रत्यक्ष कर में इंदिरा ने गिफ्ट टैक्स के लिए संपत्ति की वैल्यू की अधिकतम 10,000 रुपए की सीमा घटाकर 5,000 रुपए कर दी। मतलब 5,000 रुपए से अधिक संपत्ति को गिफ्ट करने पर उसे टैक्स के दायरे में लाया गया।
10. इस बजट में बजट घाटे के अनुमान को संशोधित करके 254 से बढ़ाकर 290 करोड़ रुपए कर दिया गया था।
Updated on:
01 Feb 2019 01:02 pm
Published on:
01 Feb 2019 10:39 am
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