
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में मिली शिकस्त के बाद राष्ट्रीय जनता दल जमीनी स्तर पर अपनी लड़ाई लड़ रही है। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के जेल में होने और परिवार में चल रही कलह ने पार्टी को बड़ा नुकसान किया है।
यही वजह है कि पार्टी में नई जान फूंकने के लिए बड़े स्तर पर फेरबदल किए जा रहे हैं। पार्टी ने सबसे सीनियर नेताओं में से एक जगदानंद सिंह को बिहार प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है। वह लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी नेताओं में रहे हैं।
जगदानंद को मिली नई जिम्मेदारी को लालू के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव और छोटे पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव के बीच तनाव को कम करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
लालू चाहते हैं कि अब पार्टी को परिवार की वजह से किसी भी तरह का नुकसान हो। साथ ही राजपूत नेता को प्रदेश अध्यक्ष की कमान देने के पीछे आरजेडी की सोशल इंजीनियरिंग की भी कोशिश है। जब राबड़ी देवी बिहार की सीएम थीं, तब जगदानंद सिंह का कद सरकार में सबसे बड़ा माना जाता था।
लालू का दखल कायम
जगदानंद सिंह का प्रदेश अध्यक्ष बनना लालू प्रसाद के पार्टी में दखल के रूप में देखा जा रहा है। जगदानंद के प्रस्तावकों में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं विधायकगण शामिल हैं।
जगदानंद ने बिहार विधान परिषद सदस्य रामचंद्र पूर्वे की जगह ली है। पूर्वे पांच बार लगातार आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष पद आसीन रहे हैं।
Published on:
26 Nov 2019 06:04 pm
बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
