25 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कर्नाटक विधानसभा चुनावः बेंगलुरु में हजारों फर्जी वोटर आईडी जब्त, चुनाव रद्द करने की उठी मांग

बेंगलुरु में फर्जी मतदाता पहचान पत्र मिलने के बाद चुनाव रद्द करने की मांग उठी है। बीजेपी और कांग्रेस ने एक-दूसरे पर सवालों की झड़ी लगाई है।
2 min read
Google source verification
Karnataka Election

बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 12 मई को मतदान होना है, लेकिन इससे ठीक पहले बेंगलुरु के एक घर से हजारों फर्जी मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) बरामद हुए हैं। इस घटना से सियासत में हड़कंप मच गया है। घटना बेंगलुरु में राज राजेश्वरी विधानसभा क्षेत्र के जलाहाल्ली इलाके की है। यह जानकारी मंगलवार रात चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आई है।

फ्लैट से क्या-क्या मिला?
- हजारों फर्जी मतदाता पहचान पत्र के बंडल
- पांच लैपटॉप
- प्रिंटर
- दो स्टील ट्रंक

किसका है यह घर?

जिस घर से फर्जी पत्र बरामद हुए हैं वह मंजुला मंजामुरी के नाम पर है। अभी इसमें राकेश नाम का एक शख्स किराए पर रहता है जो एक प्रत्याशी का करीबी बताया जा रहा है।

राज राजेश्वरी के मतदाताओं का गणित

चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि राज राजेश्वरी में 4 लाख 35 हजार 439 वोटर हैं, यह वहां की आबादी का 75.43 फीसदी है। पिछली बार रिवीजन के दौरान 28 हजार 825 नाम जोड़े गए थे। इसके बाद अपडेशन के दौरान 19,012 नाम और जोड़े गए थे और 8,817 लोगों के नाम हटाए गए हैं। कुमार ने फर्जी मतदाता परिचय पत्र बरामद करने की पुष्टि करते हुए कहा कि वे खुद इस घर में गए थे। उनके मुताबिक इन्हें छोटे-छोटे बंडलों में बांधकर रखा गया था। हर बंडल पर फोन नंबर और नाम लिखा गया था।

राज राजेश्वरी में चुनाव रद्द किए जाएंः बीजेपी

बीजेपी ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत करते हुए निर्वाचन आयोग से राज राजेश्वरी नगर में चुनाव रद्द करने की मांग की है। बीजेपी नेता सदानंद गौड़ा ने राज राजेश्वरी के कांग्रेस प्रत्याशी मुनिरत्न नायडू पर फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक पद का दुरुपयोग करते हुए अधिकारियों पर दबाव डाल रहे हैं और मतदाता सूची में गलत नाम लिखवा रहे हैं।

कांग्रेस ने भी लगाई सवालों की झड़ी

मामला सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने बताया कि बीजेपी आरोप लगाकर ध्यान आकर्षित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि जिस घर से मतदाता परिचय पत्र बरामद हुए, उसकी मालकिन मंजुला नंजामुरी बीजेपी की नेता है और राकेश उन्हीं का बेटा है। उन्होंने कहा कि राकेश ने 2015 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वो हार गए थे। उन्होंने पूछा कि ये सभी परिचय पत्र बीजेपी नेता के घर कैसे पहुंचे?

कई सालों बाद आया था ऐसा भयंकर तूफान, सामने आए ऐसे मंजर कि देखकर रूह कांप उठेगी

बीजेपी ने यूं दिए सवालों के जवाब

सुरजेवाला के सवालों पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जवाब दिए। उन्होंने कहा कि मंजुला छह साल पहले बीजेपी छोड़ चुकी हैं और जिस घर से मतदाता परिचय पत्र बरामद हुए हैं वह लीज पर है।

अफगानिस्तान में 6 भारतीयों के अपहरण में सामने आया तालिबान कनेक्शन, एक शख्स ने सुनाई आंखों देखी कहानी

बड़ी खबरें

View All

राजनीति

ट्रेंडिंग