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कर्नाटक: सरकार गिरने से पहले यह था बहुमत का आंकड़ा, अब BJP का क्या होगा समीकरण?

Karnataka Crisis Update: कर्नाटक में कुल विधायकों की संख्या 224 है 118 विधायकों के समर्थन के साथ एचडी कुमारस्वामी ने गठबंधन की सरकार बनाई थी गठबंधन में जेडी(एस), कांग्रेस और दो निर्दलीय विधायक शामिल थे

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Kaushlendra Pathak

Jul 26, 2019

Karnataka Seat Figure

नई दिल्ली। कर्नाटक का सियासी संकट भले ही कुमारस्वामी सरकार गिरने के बाद खत्म माना जा रहा हो, हकीकत में ऐसा होता नजर नहीं आता। दोबारा कुर्सी पर काबिज होने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मुलाकात की। इसके बाद आज शाम 6 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की घोषणा की। फिर भी यह सवाल अभी भी सिर उठाए है कि क्या भाजपा बहुमत से दूर होने के बावजूद सियासत की बाजी जीत जाएगी। क्या फिर से सीएम बनकर येदियुरप्पा बहुमत का जादुई आंकड़ा पूरा कर सकेंगे?

पढ़ें- कर्नाटक: येदियुरप्पा आज शाम 6 बजे लेंगे शपथ, चौथी बार बनेंगे मुख्यमंत्री

पहले समझिए कर्नाटक विधानसभा का समीकरण









विधायकों की संख्या- 224






























पार्टीविधायकों की संख्या
BJP105
CONG79
JDS37
IND2
BSP1

बहुमत के लिए आंकडो़ं की जरूरत- 113

कुमारस्वामी की सरकार गिरने से पहले ऐसा था विधानसभा का समीकरण

विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी (105 सीट) होने के कारण बीजेपी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले ली थी।

लेकिन, विधानसभा के अंदर वह बहुमत साबित नहीं कर सके। इसके बाद कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन कर कर्नाटक में ( Karnataka Crisis Update ) विधानसभा के अंदर कुछ इस तरह समीकरण बनाया था।

CONG (79) + JDS (37)+ IND (2) = 118

पढ़ें- Karnataka politics : स्पीकर ने तीन विधायकों को अयोग्य ठहराया

अब बन सकता है यह सियासी समीकरण

बीजेपी के पास 105 विधायक हैं। सरकार बनाने के लिए 113 विधायकों की जरूरत है। ऐसे में माना जा रहा है कि जो विधायक बागी हुए हैं वो बीजेपी के साथ जा सकते हैं।

इसके अलावा BSP के एक विधायक का भी बीजेपी को समर्थन मिल सकता है।

विधानसभा के अंदर बहुमत साबित करने के लिए बीजेपी को और 8 विधायकों की जरूरत है। हालांकि, बीजेपी के लिए राह आसान नहीं है। स्पीकर ने तीन विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया है। इनमें दो कांग्रेस के और एक निर्दलीय शामिल हैं। माना जा रहा है कि बचे हुए बागी विधायकों पर भी जल्द निर्णय लिया जा सकता है।

यह स्थिति भी संभव

अगर सभी बागी विधायकों का इस्तीफा स्वीकार हो जाता है, तो विधानसभा में कुल सदस्यों की संख्या 208 हो जाएगी, और बहुमत साबित करने के लिए भाजपा को 105 विधायकों की जरूरत पड़ेगी। जो पार्टी के पास पहले से ही मौजूद हैं।