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कर्नाटक चुनाव BJP के लिए गुजरात से बड़ी चुनौती, मैसूर की 26 सीटों पर शाह का जोर

पिछले विधानसभा चुनाव में मैसूर क्षेत्र में बीजेपी खाता नहीं खोल पाई थी। इस बार अमित शाह का लक्ष्‍य यहां की अधिकांश सीटें जीतने की है।

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Dhirendra Kumar Mishra

Mar 30, 2018

amit shah

नई दिल्‍ली. कर्नाटक विधानसभा चुनाव को देखते वहां पर चुनाव प्रचार जोर पकड़ता जा रहा है। बीजेपी और कांग्रेस चुनावी जीत हासिल करने के लिए कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती है। इस चुनाव में बीजेपी की नजर उन जगहों पर जोर देने की है जहां से पिछले चुनाव में पार्टी ने एक भी सीट हासिल नहीं की थी। यही वजह है कि इस बार भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह सबसे ज्‍यादा जोर मैसूर क्षेत्र पर दे रहे हैं। इसके पीछे खास वजह यह है कि पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी यहां से 26 में से एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। आपको बता दें कि इस रणनीति के तहत ही आज पुराने मैसूर क्षेत्र का पार्टी अध्‍यक्ष दौरा करेंगे।

शाह मैसूर में दो दिवसीय प्रवास पर
कर्नाटक जागृति यात्रा के तहत 30 और 31 मार्च को मैसूर, चामराजनगर, मांड्या और रामानागर जिलों का दौरा करेंगे। यहां पर पार्टी को जीत दिलाने के लिए वह पार्टी के नेताओं के साथ अहम रणनीति पर चर्चा करेंगे। वह प्रदेश भाजपा के नेताओं को उसी के अनुरूप काम करने का सुझाव देंगे। साथ ही चुनावी सभाओं में शिरकत करेंगे और कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। इन चार जिलों में कुल 2 6 विधानसभा सीटें आती हैं। भाजपा 2013 के विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। इस बात को लेकर पार्टी की काफी फजीहत हुई थी। इसलिए पार्टी का जोर इस क्षेत्र पर सबसे ज्‍यादा है। अमित शाह खुद इस क्षेत्र की सभी सीटों पर नजर बनाए हुए हैं। उन्‍होंने प्रदेश पार्टी नेताओं के समक्ष यहां की अधिकांश सीटों को जीतने का लक्ष्‍य रखा है।

यह जेडीएस प्रमुख कुमारस्‍वामी का प्रभाव क्षेत्र है
पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश जेडीएस प्रमुख एचडी कुमारस्वामी और वरिष्ठ मंत्री डीके शिवकुमार का इस क्षेत्र में काफी असर माना जाता है। इस बार क्षेत्रीय राज परिवार के उत्तराधिकारी यदुवीर कृष्णदत्ता चामराज वाडियार ने राजनीति में आने के संकेत दिए हैं। इससे क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। बताया तो यह भी जा रहा है कि शाह राज परिवार के लोगों से एक बार मिल चुके हैं, जिसकी चर्चा स्‍थानीय स्‍तर पर काफी ज्‍यादा है। हालांकि इस बात की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। वहीं राज परिवार के चामराज का कहना है कि मुझे भी यह सूचना मीडिया से मिली है। मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता। मैं कई बार कह चुका हूं कि राजनीति में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है। किसी पार्टी में शामिल होने की कोई संभावना नहीं है। दूसरी तरफ भाजपा की सक्रियता को देखते हुए सीएम सिद्धारमैया ने भी चुनावी सक्रियता इस क्षेत्र में बढ़ा दी है।

सुत्तूर मठ का दौरा करेंगे शाह
स्‍थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह इस क्षेत्र में लिंगायत समुदाय के प्रमुख धार्मिक स्थल सुत्तूर मठ का भी दौरा करेंगे। आपको बता दें कि इस बार चुनाव में लिंगायत का मुद्दा चरम पर है। विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरने में जुटी है। कांग्रेस ने तो लिंगायत को अलग धर्म की मान्‍यता देने की भी बातें जोरदार तरीके से उठाई है। इसके अलावा वह गणपति सच्चिानंद आश्रम भी जाएंगे। हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस क्षेत्र का दो दिनों के लिए दौरा किया था। सीएम सिद्धारमैया की भी दो अप्रैल तक मैसूरू में चुनाव प्रचार की योजना है।