1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कर्नाटक चुनाव: हर्पनहल्ली सीट करेगी ‘दागी’ की किस्मत का फैसला

रेड्डी बंधुओं में से एक व भाजपा के दागी उम्मीदवार जी. करुणाकर रेड्डी हर्पनहल्ली क्षेत्र पर कांग्रेस के एम.पी. रविंद्र के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं।

3 min read
Google source verification

image

Mohit sharma

May 06, 2018

Karnataka election

नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जहां एक तरफ राज्य की जनता दो मुख्य विचारधाराओं के बीच चुनाव करने के लिए तैयार है, वहीं दूसरी तरफ दागी नेता भी इस दौरान अपनी-अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अरबों रुपये के खनन घोटाले में नाम आने के बाद किरकिरी करा चुके रेड्डी बंधुओं में से एक व भाजपा के दागी उम्मीदवार जी. करुणाकर रेड्डी हर्पनहल्ली विधानसभा क्षेत्र पर कांग्रेस के एम.पी. रविंद्र के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। कर्नाटक विधानसभा क्षेत्र संख्या- 104 हर्पनहल्ली निर्वाचन क्षेत्र। हर्पनहल्ली (सामान्य) दावणगेरे जिले और केंद्रीय कर्नाटक क्षेत्र का हिस्सा है। दावणगेरे लोकसभा क्षेत्र के हिस्से हर्पनहल्ली निर्वाचन क्षेत्र में कुल 2,01,133 मतदाता हैं जिसमें आम मतदाता, एनआरआई मतदाता और सेवा मतदाता शामिल हैं। सामान्य मतदाताओं में 1,03,360 पुरुष, 97,669 महिलाएं शामिल हैं, जबकि 17 अन्य इस बार अपने वोट की चोट करेंगे।

कर्नाटक में बोले मोदी— 'फूट डालो राज करो' की नीति पर काम कर रही कांग्रेस

हर्पनहल्ली मद्रास प्रेसीडेंसी के सबसे पुराने व्यापार केंद्रों में से एक है। साथ ही इस निर्वाचन क्षेत्र के पास कर्नाटक के सबसे पुराने शिक्षा केंद्रों में से एक का तमगा भी है। हर्पनहल्ली की विडंबना है कि दशकों से शैक्षणिक केंद्र होने के बावजूद, यहां की साक्षरता दर राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। इस निर्वाचन क्षेत्र में रेलवे स्टेशन का उद्घाटन 2014 में ही हुआ है। यह क्षेत्र अपने फार्मेसी कॉलेजों के लिए जाना जाता है।

बात करें क्षेत्रीय राजनीति की, तो हर्पनहल्ली निर्वाचन क्षेत्र को वर्तमान में यहां कांग्रेस विधायक एम.पी. रविंद्र का कब्जा है। 2013 विधानसभा चुनाव में हर्पनहल्ली निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के मौजूदा विधायक एम.पी. रविंद्र ने 56,854 मतों के साथ भाजपा उम्मीदवार जी. करुणाकर रेड्डी को हराया था। रविंद्र ने 37.91 फीसदी वोट हासिल किए थे। साफ छवि होने के कारण कांग्रेस ने एक बार फिर से उनपर विश्वास जताया है। वहीं विपक्षी भाजपा ने पूर्व विधयाक और पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे जी. करुणाकर रेड्डी पर दांव आजमाया है। करुणाकर रेड्डी का नाम भी अवैध खनन घोटाले में आया था। दरअसल देश का करीब 25 प्रतिशत लौह अयस्क भंडार बेल्लारी में है। एक अनुमान के मुताबिक बेल्लारी में करीब 99 लौह अयस्क खदानें हैं। कर्नाटक सरकार ने 1994 में निजी व्यक्तियों को खद्दानों के लाइसेंस जारी किए थे और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में लौह अयस्क की कीमत बढ़ने से खनन में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूरी दी थी।

कर्नाटक चुनाव: पीएम मोदी ने कांग्रेस को लेकर दिया बड़ा बयान, देखें वीडियो

खनन में विदेश निवेश को मंजूरी देने के कारण राज्य को करीब 7500 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। जिसका जिक्र जुलाई 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने भी किया था। लौह अयस्क के अवैध निर्यात में रेड्डी बंधुओं का नाम सामने आया था जिसमें करुणाकर रेड्डी का भी नाम शामिल था। 2013 विधानसभा चुनाव में हर्पनहल्ली निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे स्थान पर रहे भाजपा के जी. करुणकर रेड्डी ने 48,548 वोटों के साथ 37.91 फीसदी वोट हासिल किए थे।

कर्नाटक: भगवान भरोसे चुनाव लड़ रहे सियासी दल, वोटरों से देवी-देवताओं की कसम खिलवा रहे उम्मीदवार

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पहले ही जनता दल (सेक्युलर) को अपना समर्थन देने की घोषणा कर चुकी है। दोनों मुख्य पार्टियों के अलावा जनता दल (सेक्युलर) अरासीकेरे एन. कोटरेश, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने कृष्णामूर्ति आर., जनहित पक्ष ने अब्दुल बरी, समाजवादी पार्टी ने बी.एल. चन्नाननाइक, ऑल इंडिया महिला इंपॉवरमेंट पार्टी ने के. ललिथामा को चुनाव मैदान में उतारा है। साथ ही एक निर्दलीय भी इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहा है। 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा के लिए राज्य में 56,696 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसमें 4,96,82,357 (4.96 करोड़) मतदाता अपने मतों का प्रयोग कर नई सरकार का चुनाव करेंगे। सरकार के लिए चुनाव 12 मई को एक चरण में चुनाव होगा और वोटों की गिनती 15 मई को की जाएगी।