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हमारे विधायक तोड़ने के लिए बीजेपी ने रखे थे 4000 करोड़, अमित शाह पर कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने अमित शाह के आरोपों बेबुनियाद बताते हुए कहा कि कांग्रेस विधायकों नहीं खरीदने पाने से बीजेपी खिसियाई हुई है।

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Chandra Prakash Chourasia

May 21, 2018

anand sharma

हमारे विधायक तोड़ने के लिए बीजेपी ने रखे थे 4000 करोड़, अमित शाह पर कांग्रेस का पलटवार

नई दिल्ली: कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकार गिरने से बौखलाए अमित शाह ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर जमकर हमला किया। इसके बाद कांग्रेस ने भी शाह को करारा जवाब दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने शाह के आरोपों बेबुनियाद बताते हुए कहा कि कांग्रेस विधायकों को खरीदने नहीं पाने की वजह से बीजेपी खिसियाई हुई है।

बीजेपी ने हर विधायक को दिए 20 करोड़: कांग्रेस
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि बीजेपी को विधायकों को चुराने में महारथ हासिल है। कर्नाटक चुनाव जीतने के लिए बीजेपी ने साढ़े छह हजार करोड़ रूपए खर्च किए हैं। उन लोगों ने बीजेपी विधायकों को टूटने से बचाने के लिए 20-20 करोड़ रूपए दिए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी की नजर दूसरे दलों के विधायकों पर थी। उन्हें खरीदने के लिए बीजेपी ने चार हजार करोड़ रूपए रखा था।

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बीजेपी विधायकों को अगवा करना चाहती थी: कांग्रेस
इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस और जेडीएस ने अपने विधायकों को होटल में बंधक बनाकर रखा । उन्हें जनता से मिलने तक नहीं दिया । उन्हें जनता से मिलने दिया जाता तो विश्वास मत का परिणाम कुछ और होता । जनता इन विधायकों को बता देती कि उन्हें कहां वोट डालना है। इस आरोप के जवाब में शर्मा ने कहा कि हमने विधायकों को बधंक नहीं बनाया था बल्कि बीजेपी की नजर से बचा कर रखा था। बीजेपी के लोग हमारे और जेडीएस के विधायकों को अगवा करने की फिराक में थे।

हमने कुछ गलत नहीं किया: अमित शाह
शाह ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जनादेश कांग्रेस के खिलाफ था और उसने सरकार बनाने के लिए जेडीएस के साथ अपवित्र गठबंधन किया है । इस चुनाव में जनता ने कांग्रेस को नकार दिया और उसकी सीटें 122 से घटकर 78 पर सिमट गई । उसके मुख्यमंत्री सिद्धारमैया एक सीट पर हार गए और एक सीट पर बहुत ही कम मतों जीत पाए । इसके अलावा उनके आधे मंत्री भी हार गए । दूसरी ओर बीजेपी की सीट 40 से बढकर 104 हो गईऔर वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी । बीजेपी के सरकार बनाने का दावा करने पर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि जब किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं था तो क्या वहां फिर से चुनाव कराया जाता। बीजेपी ने सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा किया और यदि ऐसा नहीं करती तो यह जनादेश के खिलाफ होता । इसमें कुछ भी अनुचित नहीं था ।