
सपना टूटा तो बोले कांग्रेस नेता सिद्दारमैया, 'जनता ने मुझे मूर्ख बनाया और यही पर्याप्त है'
बेंगलूरु। कर्नाटक कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री के सिद्दारमैया ने अपनी हार के बाद मतदाताओं को आड़े हाथों लिया और बड़ा बयान दे दिया। चामुंडेश्वरी सीट पर उन्हें मुख्यमंत्री रहते हुए लड़े गए चुनाव में भी 33 हजार मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। उन्हें जनता दल (सेक्युलर) के जीटी देवेगौड़ा ने हराया। इसी के साथ इस सीट से एक बार फिर इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का उनका सपना भी टूट गया।
सपना टूटा तो ऐसे बरसे सिद्दारमैया
सिद्दारमैया ने कहा, 'लोगों ने मुझे मूर्ख बना दिया और इतना ही पर्याप्त है। मैंने हार से सबक लिया है। जनता ने तो इंदिरा गांधी, बीआर आंबेडकर और डी देवराजा उर्स जैसे नेताओं को हरा दिया था।' हालांकि उन्होंने वरुणा सीट से बेटे को मिली जीत के लिए समर्थकों का शुक्रिया अदा किया और कहा कि वे इस हार से रूकेंगे नहीं और ना ही भागेंगे।' गौरतलब है कि इस बार सिद्दारमैया के हाथ से मुख्यमंत्री की कुर्सी भी चली गई। कांग्रेस राज्य में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी और अपने से छोटी पार्टी को समर्थन दिया। लेकिन मुख्यमंत्री अपना नहीं बना सकी।
दो सीटों से लड़े थे सिद्दारमैया
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2015 में सिद्दारमैया चामुंडेश्वरी के अलावा बादामी सीट से भी लड़े थे। हालांकि बादामी से उन्हें जीत मिली है। इसके अलावा वरुणा सीट से उनके बेटे यतींद्र को जीत मिली है। सिद्दारमैया ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, 'मैं 40 सालों से राजनीति में हूं और 13 बजट पेश कर चुका हूं। मैंने हमेशा गरीबों और वंचितों पर ध्यान दिया है। मैंने अन्न भाग्य योजना और चार करोड़ लोगों को मुफ्त चावल उपलब्ध कराने जैसे काम की शुरुआत की। इसके बावजूद लोगों ने कांग्रेस का साथ नहीं दिया।'
Published on:
13 Jun 2018, 7:18 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.