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लोकसभा चुनाव 2019: शाहनवाज हुसैन को नहीं मिला टिकट, JDU के खाते में गई भागलपुर सीट

लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने आज पहली सूची जारी कर सकती है। भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की मैराथन बैठक में कई दिग्गजों के नाम पर मुहर लगने की संभावना। भाजपा ने शाहनवाज हुसैन को नहीं दिया टिकट। 2014 में भागलपुर सीट से चुनाव लड़े थे शाहनवाज हुसैन।

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भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन

लोकसभा चुनाव 2019: शाहनवाज हुसैन नहीं लड़ेंगे चुनाव, JDU के खाते में गई भागलपुर सीट

नई दिल्ली। भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की मैराथन बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। शनिवार की देर रात तक चली बैठक में 2019 आम चुनाव में एक बार फि़र से विरोधियों को मात देकर सत्ता में काबिज होने के लिए भाजपा ने टिकटों के एलान पर माथाप्च्ची की। इस बैठक में भाजपा ने कई चेहरों को फिर से मैदान में उतारने के लिए मुहर लगाई, तो कई के टिकट काटे गए। इसमें से एक बड़ा चेहरा शाहनवाज हुसैन का है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शाहनवाज हुसैन को इस बार टिकट नहीं दिया गया है। दरअसल पिछले लोकसभा में शाहनवाज हुसैन को भागलपुर से टिकट मिला था, लेकिन वे हार गए थे। इस बार सीट शेयरिंग फॉर्मूले के तहत भागलपुर सीट जेडीयू के खाते में गई है। इसके अलावा सीवान, गोपालगंज, गया, बाल्मीकीनगर सीट भी जेडीयू के लिए भाजपा ने छोड़ी है।

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वाजपेयी सरकार में बने थे सबसे युवा मंत्री

बता दें कि शाहनवाज हुसैन अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वे सबसे कम उम्र के मंत्री थे। 1999 में जीत कर वे संसद पहुंचे थे। वाजपेयी की सरकार में शाहनवाज हुसैन को खाद्य प्रसंस्करण, युथ अफेयर्स और खेल के साथ-साथ अलग-अलग समय पर मानव संसाधन विकास विभाग की भी जिम्मेदारी दी गई। 2001 में उन्हें कोयला मंत्रालय का भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने उस समय भारत के इतिहास में सबसे कम उम्र के मंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद से वे कई मंत्रालयों को संभाल चुके हैं। 2004 में वे चुनाव लड़े लेकिन हार गए, इसके बाद 2006 में भागलपुर सीट पर हुए उपचुनाव में जीत दर्ज की। हालांकि 2014 में वे भागलपुर सीट से हार गए थे।

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शत्रु को नहीं मिला टिकट

आपको बता दें कि इस बैठक में एक और अहम फैसला लिया गया। इस बार बागी नेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को टिकट नहीं दिया है। पटना साहिब से चुनावी मैदान में उतरने वाले शत्रुघ्न सिन्हा को भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने टिकट काट दिया। शत्रु के स्थान पर भाजपा ने इस बार पटना साहिब से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को मैदान में उतारा है। इससे साफ हो गया कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व शत्रु से नाराज है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या शत्रु पार्टी में बने रहते हैं या फिर किसी दूसरे दल का दामन थामकर रविशंकर प्रसाद को टक्कर देंगे। बता दें कि भाजपा ने इसके अलावा केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह को भाजपा ने बेगुसराय से उम्मीदवार बनाया है, तो वहीं राजीव प्रताप रूड़ी को छपरा से टिकट दिया गया है। मालूम हो कि बिहार में भाजपा-जेडीयू के बीच 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमति बनी है। बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं। एनडीए गठबंधन में शामिल रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी को लिए 6 सीटें दी गई है।

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