प्राइवेट डॉक्टरों को सरकार का नोटिस, नहीं माना आदेश तो रद्द होगा लाइसेंस

  • Maharashtra govt ने Private Doctor को भेजा नोटिस
  • 15 दिन Corona Hospital में भी करना होगा काम
  • निर्देशों के उल्लंघन पर रद्द हो सकता है License

By: धीरज शर्मा

Published: 06 May 2020, 01:39 PM IST

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( coronavirus ) के बढ़ते खतरे के बीच लोगों की जान बचाने में जुटे डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए हाल में सरकार ने नया कानून बनाया था। कोरोना वॉरियर्स ( Corona Warriors ) इन डॉक्टरों ( Docotor )पर हो रहे हमलों के बीच सरकार ने ये कदम उठाया था। लेकिन अब डॉक्टरों को एक और बड़ी खबर सामने आई है। इस खबर के मुताबिक जिन प्राइवेट डॉक्टरों ( Private Doctor )ने सरकारी अस्पतालों में काम करने से इनकार किया तो उनका लाइसेंस रद्द हो सकता है।

जी हां ये फैसला महाराष्ट्र सरकार ( Maharashtra govt ) ने लिया है। उद्धव सरकार ( Udhav Govt ) ने कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए निजी डॉक्टरों को एक नोटिस जारी किया है। नोटिस में जारी निर्देश का पालन ना करने पर इन डॉक्टरों के लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं।

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कोरोना वायरस से निपटने के लिए केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारें हर जरूरी कदम उठा रही हैं। इसी कड़ी में महराष्ट्र की उद्धव सरकार ने भी अहम फैसला लिया है।

महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान निदेशालय ने निजी डॉक्टर्स को एक नोटिस जारी किया है। इसके मुताबिक सभी निजी डॉक्टरों को अब सरकारी अस्पतालों में भी काम करना होगा।

ये है आदेश
महामारी रोग अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम और महाराष्ट्र आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम को लागू करते हुए अधिसूचना में कहा गया है कि, कोरोना की रोकथाम और उपचार के लिए कम से कम 15 दिनों के लिए डॉक्टरों की एक्सपर्ट सेवाओं की मरीजों को जरूरत है। इसलिए आप अपनी इच्छा और पसंद की जगह से अवगत कराएं जहां आप अपनी सेवाएं देना चाहते हैं।

Doctor in corona hospital

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कई डॉक्टर मरीजों को देखने से कर रहे इनकार
दरअसल मुंबई में लोगों को डॉक्टरों की वजह से काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। कई प्राइवेट डॉक्टरों ने अपने क्लिनिक बंद कर रखे हैं। कई डॉक्टर ऐसे भी है जो संदिग्धों को देखने से ही इनकार रहे हैं।

वहीं कई डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में भी आने से कतरा रहे हैं। ऐसे में सरकार ने निर्देश दिया है कि तत्काल सभी डॉक्टर उसका पालन करें अन्यथा ना मानने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। उनका डॉक्टरी लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता है।

इन डॉक्टरों को अधिसूचना में दी छूट
सरकारी अधिसूचना में 55 वर्ष से अधिक उम्र वाले डॉक्टरों को छूट दी गई है। लेकिन इससे कम उम्र वाले डॉक्टरों को अधिसूचना का पालन करना होगा।

15 दिन कोरोना अस्पताल में करना होगा काम
आदेश में निजी डॉक्टर्स और चिकित्सा अधिकारियों को कोरोना वायरस अस्पतालों में कम से कम 15 दिनों के लिए काम करने के लिए कहा गया है।

डॉक्टरों को भरना होगा फॉर्म
सभी डॉक्टरों को एक फॉर्म भी प्रस्तुत करना होगा, जिसमें उन्हें अपनी योग्यता, महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल पंजीकरण संख्या, वर्तमान कार्य स्थान और पोस्टिंग के लिए स्थान का चुनाव करना होता है।
आपको बात दें कि अकेले मुंबई में 25 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन वाले प्राइवेट डॉक्टर हैं।

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धीरज शर्मा
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