
बीजेपी नेता I BJP
मुंबई: हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में महाराष्ट्र की सत्ताधारी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन को बड़ा झटका देते हुए बीजेपी ने जीत दर्ज की। दरअसल विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस की अभेद्य राजनीतिक बिसात ने एमवीए के सारे दांव विफल कर दिए। अब विपक्षी बीजेपी शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की जोड़ी को आगामी महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में शिकस्त देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।
बीजेपी नेता एवं केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे (Raosaheb Danve) ने महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में बीजेपी की रणनीति कैसी होगी, इसे लेकर अहम खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने काफी मंथन के बाद ही राज्य विधान परिषद चुनाव में पांच उम्मीदवार उतारे हैं। यह भी पढ़ें-दो साल जेल में रहने के बाद भी डिप्रेशन में नहीं गया, फिर तुम्हे क्यों हो रहा? 10वीं के छात्रों से बोले महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल
महाराष्ट्र से राज्यसभा की छह सीट पर 10 जून को हुए चुनाव में बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार की जीत का श्रेय पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दिया गया था। दरअसल, उन्होंने एमवीए सरकार का समर्थन करने वाले छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के कथित गुस्से की लहर का फायदा उठाते हुए पार्टी को महत्वपूर्ण सीट पर जीत दिलावाई।
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रावसाहेब दानवे ने कहा, ‘‘ देवेंद्र फडणवीस ने सत्तारूढ़ महाविकास अघाड़ी को राज्यसभा चुनावों में हरा दिया। अब एमवीए हमारी तरकीब जान गई है इसलिए हम विधान परिषद चुनाव में पहले वाली तरकीब का इस्तेमाल नहीं करेंगे बल्कि एक अलग रणनीति अपनाएंगे।’’
बता दें कि महाराष्ट्र विधान परिषद की 10 रिक्त सीटों के लिए 20 जून को चुनाव होंगे। कुल 11 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जिनमें से पांच अकेले बीजेपी से हैं। बीजेपी ने वर्तमान में विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण यशवंत दारेकर, पूर्व मंत्री राम शंकर शिंदे, श्रीकांत भारतीय, पार्टी की राज्य महिला शाखा प्रमुख उमा गिरीष खापरे और प्रसाद मिनेश लाड को उम्मीदवार बनाया है। जबकि दिवंगत बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे को मौका नहीं दिया है।
बता दें कि राज्य विधानसभा के मेंबर इन चुनावों के लिए गुप्त मतदान से निर्वाचक मंडल गठित करते हैं। अभी महाराष्ट्र के 288 सदस्यीय निचले सदन में बीजेपी के 106 विधायक है। इस हिसाब से पार्टी आसानी से अपने चार उम्मीदवारों को ऊपरी सदन में भेज सकती है, जबकि एक उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए उसे संख्या बल हासिल करना होगा।
Published on:
17 Jun 2022 08:03 pm
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