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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता पर काबिज होने लिए राजनीतिक दलों में सत्ता संघर्ष का दौर जारी है। इस बीच शिवसेना ने एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लिया है।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिवसेना का आरोप है कि भाजपा को प्रवर्तन निदेशालय, पुलिस, पैसा और दादागिरी के दम पर दूसरे दलों के विधायकों को तोड़कर ही सरकार बनानी पड़ेगी।
सामना में छपे आर्टिकल में लिखा कि महाराष्ट्र का विधानसभा चुनाव का परिणाम सबके सामने है। भाजपा ने 105 सीटें जीतीं है।
अबर शिवसेना साथ में होती तो यह गिनती 75 तक रुक सकती थी। शिवसेना ने 56 सीटें हासिल की हैं। लेकिन भाजपा निर्धारित शर्तों के विपरीत शिवसेना को आधे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बनाने को तैयार नहीं है।
वहीं, शिवसेना ने शनिवार को आगाह करते हुए कहा कि राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रमुख है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा राष्ट्रपति या राज्यपाल के कार्यालय का दुरुपयोग करने का कोई भी प्रयास 'देश के लिए खतरा' है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने शुक्रवार को कहा था कि यदि महाराष्ट्र में 7 नवंबर तक सरकार नहीं बनती है, तो ऐसी स्थिति में राज्य में राष्ट्रपति शासन लग सकता है।
भाजपा नेता पर निशाना साधते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि राज्य के राजनीतिक संकट में राष्ट्रपति कार्यालय को इस तरह से घसीटना 'अनुचित और गलत' है।
राउत ने कहा कि राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रमुख है.. वह किसी की जेब में नहीं है। इस तरह की धमकी देना जनता के जनादेश का अपमान है।"
Updated on:
03 Nov 2019 10:26 am
Published on:
03 Nov 2019 10:23 am
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