महाराष्ट्र सरकार जबरन धर्म परिवर्तन और लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए 7 सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो अन्य राज्यों के कानूनों का अध्ययन कर प्रभावी कानून बनाने पर सुझाव देगी। भाजपा और शिवसेना नेताओं ने इस कदम का स्वागत किया है
महाराष्ट्र जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ कानून लाने वाला भारत का 11वां राज्य बनने की तैयारी कर रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता इस कानून का समर्थन कर रहे हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम ने राज्य सरकार के इस कदम का स्वागत किया है।
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि धर्म परिवर्तन के खिलाफ एक कानून होना ही चाहिए। महाराष्ट्र अन्य राज्यों की तुलना में एक सख्त कानून ला रहा है और इसको तो पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि लालच या प्रलोभन देकर किसी का धर्म परिवर्तन कराना गलत है। उधर, शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने भी इसी भावना को दोहराया। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन लंबे समय से एक गंभीर चिंता का विषय रहा है।
निरुपम ने कहा कि आज हम एक आजाद भारत में रहते हैं, जहां संविधान में धार्मिक स्वतंत्रता के स्पष्ट प्रावधान हैं। जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराना गैरकानूनी है।
कई राज्यों ने पहले ही ऐसे कानून बना लिए हैं और महाराष्ट्र ग्यारहवां राज्य बनने वाला है। हम राज्य सरकार के इस कदम का स्वागत करते हैं।
निरुपम ने आगे कहा कि हमारे देश में धर्मांतरण हमेशा से एक गंभीर मुद्दा रहा है। मुगलों और अंग्रेजों के शासनकाल में, हमारे पास इसका विरोध करने की ताकत नहीं थी।
बता दें कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने अन्य राज्यों के धर्मांतरण विरोधी कानूनों का अध्ययन करने और एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए पुलिस महानिदेशक के अधीन एक समिति का गठन किया है।