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मल्लिकार्जुन खड़गे का कांग्रेस अध्यक्ष बनना तय! जानिए क्या कहता है गणित

कौन होगा अगला कांग्रेस अध्यक्ष? इस सवाल का जवाब लगभग तय हो चुका है। यानी ये बात करीब-करीब साफ हो गई है कि, कांग्रेस की कमान अब किसके हाथ में होगी। दरअसल इस रेस में तीन दावेदार हैं। पहला मल्लिकार्जुन खड़गे, दूसरा शशि थरूर और तीसरा केएन त्रिपाठी हैं।

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Mallikarjun Kharge Victory Decided By Number Of Proposers In Congress President Election

Mallikarjun Kharge Victory Decided By Number Of Proposers In Congress President Election

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में अब दो हफ्ते का समय बचा है। इसके साथ ही तय हो जाएगा कि कांग्रेस की कमान किसके हाथों में जाएगी। हालांकि इस मुकाबले से पहले ही इस नाम पर मुहर लगभग लग चुकी है। कांग्रेस अध्यक्ष बनने की रेस में लगातार कई नाम सामने आए और उनके जीतने के दावे भी किए गए लेकिन नामांकन के अंतिम दिन स्थिति साफ हुई कि इस रेस में फाइनली कौन-कौन शामिल है। कांग्रेस अध्यक्ष बनने की दौड़ में मल्लिकार्जुन खड़गे, शशि थरूर और पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इन तीनों उम्मीदवारों ने 30 सितंबर तक कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के लिए अपना-अपना नामांकन दाखिल कर दिया हैं। अब देखना यह होगा कि इस रेस का आधिकारिक रूप से विजेता कौन होता है? लेकिन इससे पहले ही मल्लिकार्जुन खड़गे की जीत तय मानी जा रही है।

आइए जानते हैं क्या है पूरा गणित, जिसके आधार पर माना जा रहा है कि, मल्लिकार्जुन खड़गे इस रेस के विनर होंगे।

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प्रस्तावकों की सूची में सीधा समर्थन
नामांकन तो तीन दाखिल हुए हैं, लेकिन अध्यक्ष पद की कुर्सी पर खड़गे का ही बैठना लगभग तय है। दरअसल थरूर और त्रिपाठी के प्रस्तावकों में जहां इक्का-दुक्का लीडर्स थे वहीं, खड़गे के प्रस्तावकों की लिस्ट में 30 बड़े नेताओं के नाम शामिल है।

इनमें जी-23 के बड़े चेहरे आनंद शर्मा और मनीष तिवारी के भी शामिल होने से उनकी दावेदारी को और मजबूती मिली है। खड़गे के साथ नेताओं के हुजूम की तस्वीर यह साफ कर रही है कि नॉमिनेशन के साथ ही नतीजे लगभग तय हैं।

इन वजहों से भी मल्लिकार्जुन की दावेदारी मजबूत
- नामांकन के दिन वरिष्ठ नेताओं और G-23 का समर्थन खड़गे के लिए साफ दिखाई पड़ रहा था।
- खड़गे गांधी परिवार के सबसे ज्यादा करीबी माने जाते हैं। ऐसे में उन्हें कांग्रेस का आधिकारिक उम्मीदवार भी माना जा रहा है।
- प्रस्तावकों की बात करें तो कई नेताओं ने उनका खुले तौर पर समर्थन किया है
- दिग्विजय सिंह ने जहां खड़गे का नाम सामने आने के बाद नामांकन दाखिल करने से इनकार कर दिया था तो वहीं, अशोक गहलोत ने भी साफ-साफ कह दिया है कि उनका और कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन खड़गे के ही साथ है।

51 साल बाद कांग्रेस में दूसरा दलित अध्यक्ष
आकाकमान और वरिष्ठ नेताओं के सहयोग से खड़गे का अध्यक्ष बनना करीब तय माना जा रहा है। अगर खड़गे अध्यक्ष बनते हैं तो बाबू जगजीवन राम के बाद ये दूसरे दलित अध्यक्ष होंगे।

खड़गे दक्षिण भारत (कर्नाटक) से आते हैं और दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। बाबू जगजीवन राम के बाद से अब तक किसी दलित नेता ने पार्टी का नेतृत्व नहीं किया है। वह 1970-71 में कांग्रेस के अध्यक्ष थे।

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