इसी कड़ी में ममता सरकार ने 5 रुपए की थाली लाकर सियासी हलचल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ( CM Mamata Banerjee ) ने कर्नाटक की इंदिरा कैंटीन और तमिलनाडु की अम्मा कैंटीन की तर्ज पर ‘मां किचन’ शुरू किया है।
राम मंदिर चंदा मामले पर इस पूर्व मुख्यमंत्री ने दिया बड़ा बयान, बोले- जो लोग नहीं दे रहा दान आरएसएस नोट कर रही उनके नाम इस किचन में लोगों को ऊंचे सब्सिडी दामों पर पोषणभरा खाना मिलेगा। ममता जहां 5 रुपए की थाली लाई तो बीजेपी इस कदम खूब तमतमाई। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने मां की रसोई पर बड़ा बयान दे डाला।
ममता बनर्जी की चुनाव से पहले लाई गई मां की थाली पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस स्कीम को चुनावी स्टंट बताकर खारिज कर दिया है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिल्ली घोष ने कहा है कि ममता बनर्जी को चुनाव से पहले ही जनता की याद आई है। मां की थाली आने में इतना वक्त क्यों लग गय।
हालांकि बीजेपी के बयान पर टीएमसी ने भी जमकर पलटवार किया है। तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी के वार को पीएम मोदी की घोषणाओं को याद दिलाते हुए पलटवार किया। टीएमसी ने बीजेपी नेताओं को ध्यान दिलाया है कि चुनावों से कुछ महीने पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लॉन्च किए हैं।
ये ‘मां की थाली’ की खासियत
मां किचन की थाली में लोगों को महज 5 रुपए में चावल, सब्जी, दाल और एक अंडा मिलेगा। अपनी इस नई योजना के लॉन्चिंग पर सचिवालय- नबन्ना- में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘यह मां किचन है। हमें अपनी मां पर गर्व हैं।
अब तक ममता सरकार की तीसरी योजना
चुनाव से पहले ममता बनर्जी की यह तीसरी गरीबों को ध्यान में रखकर लाई गई योजना है। इसके पहले वो फ्लैगशिप योजनाएं- दुआरे सरकार (सरकार आपके दरवाजे पर) और स्वास्थ्य साथी (हेल्थ इंश्योरेंस की योजना) शुरू कर चुकी हैं।