
पश्चिम बंगाल: विधानसभा में ममता सरकार सोमनाथ को देगी राजकीय सम्मान, टीएमसी को मिलेगा लाभ
नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित वामपंथी नेता सोमनाथ चटर्जी के निधन के बाद से पश्चिम बंगाल में शोक की लहर है। साथ ही कॉमरेड के निधन से खाली स्थान को भरने और क्रेडिट लेने की होड़ भी शुरू हो गई है। चूंकि 2008 में सीपीआई मार्क्सवादी ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से बाहर का रास्ता दिखाया था इसलिए ममता सरकार उनको सम्मान के साथ बिदा करने में जुटी हुई है। सीएम ममता बनर्जी ने उन्हें अंतिम विदाई देने से पहले विधानसभा में उनके पार्थिव शरीर को रखकर राज्य का सर्वोच्च सम्मान देने की घोषणा की है।
मेडिकल कॉलेज के छात्र करेंगे शव पर शोध
सीएम ममता बनर्जी ने उनके निधन की सूचना मिलने के बाद गहरी संवेदना जताई है। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से सोम दा को सर्वोच्च सम्मान देने की घोषणा की है। इसके लिए एक शोक सभा का आयोजन विधानसभा में किया गया है। सोम दा के पार्थिव शरीर को विधानसभा कुछ देर के लिए ले जाया जाएगा। वहीं पर उन्हें राजकीय सम्मान दिया जाएगा। वहां से उनके पार्थिव शरीर को परिजनों के अंतिम दर्शन के लिए परिवार के सदस्य अपने निवास पर ले जाएंगे। कुछ घंटे तक वहां रखने के बाद उनका शव कोलकाता के एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज को शोध और अनुसंधान के लिए सौंप दिया जाएगा। इस बात की घोषणा कॉमरेड ने खुद जिंदा रहते हुए कर दी थी। इसलिए उनका संस्कार प्रतीकात्मक रूप से ही होगा।
उच्च न्यायालय कैंपस में न्यायविद देंगे श्रद्धांजलि
इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को बेले वू क्लिनिक से कोलकाता उच्च न्यायालय में ले जाया जाएगा। वहां पर सोमनाथ दा लंबे असरे तक वकालत की थी। कोलकाता उच्च न्यायालय परिसर में एक शोक सभा का आयोजन किया गया है। इस दौरान न्यायिक सेवा से जुड़े गणमान्य लोग श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
टीएमसी को मिलेगा
सोमनाथ दा के निधन के बाद उनको अंतिम विदाई देने के काम में पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी के कार्यकर्ताओं सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। ममता सरकार ने उन्हें सम्मानित करने की भी घोषणा की है। बताया जा रहा है कि इसके पीछे 2019 में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पश्चिम बंगाल बढ़ चढ़कर उनके अंतिम संस्कार में रुचि दिखा रही है।
Published on:
13 Aug 2018 03:04 pm
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