
#Metoo: यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे एमजे अकबर से औवेसी ने मांगा इस्तीफा, पीएम मोदी पर साधा निशाना
नई दिल्ली। मी टू कैंपेन में महिला पत्रकारों के शोषण मामले में फंसे केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री और वरिष्ठ पत्रकार एमजे अकबर को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमइएम) चीफ असदउद्दीन औवेसी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। औवेसी ने कहा है कि तीन पत्रकारों ने दुनिया भर को एक केंद्रीय मंत्री का वास्तविक चेहरा दिखाया है। इन महिला पत्रकारों द्वारा बयां की गई कहानी काफी डरावनी है। हैदराबाद से सांसद औवेसी ने कहा कि पीएम मोदी को तत्काल प्रभाव से एमजे अकबर को बाहर का रास्ता दिखाना देना चाहिए। औवेसी ने कहा कि यह देखने वाली बात है कि पोदी मोदी इतने बड़े खुलासे के बाद कोई कदम उठाते हैं या नहीं?
वहीं, कांग्रेस ने बुधवार को पूर्व संपादक और केंद्रीय मंत्री एम.जे. अकबर से उनके खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर सफाई देने या फिर मंत्री पद छोड़ने को कहा है। पार्टी ने उनके खिलाफ लगे आरोपों पर स्वतंत्र जांच की भी मांग की। कांग्रेस प्रवक्ता एस. जयपाल रेड्डी ने यहां मीडिया को बताया कि उन्हें या तो बयान देकर या निजी तौर पर आरोपों के बारे में बताना चाहिए या फिर इस्तीफा दे देना चाहिए। आरोप गंभीर हैं और इसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। कई पत्रकारों ने अकबर के खिलाफ आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर मुद्दे को लेकर चुप्पी साधे रखने के लिए भी निशाना साधा। कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि हमें आशा है कि महिलाएं राजनीतिक दायरे से बाहर निकलकर इन बहादुर महिलाओं के समर्थन में आगे आएंगी।
वहीं, मी टू' आंदोलन के तहत भारतीय मनोरंजन और मीडिया जगत से यौन उत्पीड़न के मामले सामने आने पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्लू) ने बुधवार को पीड़ित महिलाओं से शिकायत दर्ज कराने की अपील की और सभी प्रकार की मदद का भरोसा दिया। एनसीडब्लू ने एक बयान में कहा, "हमने पाया है कि कई मामलों में पीड़िताओं ने कथित आरोपियों के नाम और शर्म के कारण आगे नहीं आई और केवल औपचारिक शिकायतें दर्ज कराईं। ऐसे मामलों में आयोग उनसे आग्रह करता है कि वे एनसीडब्लू समेत संबंधित अधिकारियों के समक्ष लिखित शिकायतें दर्ज कराएं।
Published on:
10 Oct 2018, 7:07 PM IST
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