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संघ को महिला विरोधी बताने वालों को मोहन भागवत का करारा जवाब, महिलाओं का है समानांतर संगठन

संघ प्रमुख भागवत ने संघ की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। लोगों से संघ को सही परिप्रेक्ष्‍य में समझने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा करने पर भ्रम को दूर करने में मदद मिलेगी।

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संघ को महिला विरोधी बताने वालों को मोहन भागवत का करारा जवाब, महिलाओं की है समानांतर संगठन

नई दिल्ली। विज्ञान भवन में संघ व्‍याख्‍यानमाला कार्यक्रम के पहले दिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने उन लोगों को करारा जवाब दिया जो अभी तक संघ को महिला विरोधी बताते रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि संघ की गतिविधियों को लेकर लोग भ्रम के शिकार हैं। ऐसा जानकारी का अभाव होने की वजह से है। उन्‍होंने खासतौर से कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की ओर से इस बात को लेकर लगातार जारी हमले का जवाब देते हुए कहा कि संघ में महिलाओं के लिए अलग से समानांतर संगठन है। इस तरह का सवाल उठाने वाले लोग संघ को नहीं सही परिप्रेक्ष्‍य में नहीं समझते। उनमें संघ के बारे में सामान्‍य जानकारी तक का अभाव है। कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर पुरुषों का वर्चस्व होने और महिलाओं को मौके नहीं दिए जाने के आरोप का भी उन्‍होंने बिना नाम लिए जवाब दिया।

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संघ केवल सन्‍यासियों के लिए नहीं
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि महिलाएं संघ का विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहयोग कर रही हैं। समाज के कल्याण में उन्हें शामिल करने के लिए एक समानांतर संगठन की स्थापना की गई है। संघ केवल संन्यासियों का नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ऐसे भी स्वयंसेवक हैं जो विवाहित हैं और उनकी पत्नी एवं माता सक्रिय रूप से संघ की गतिविधियों में सहयोग करती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं भी संघ के कार्य में सक्रिय रूप से योगदान करती हैं और महिलाओं के लिए एक समानांतर संगठन, राष्ट्र सेविका समिति है जो कि समाज के कल्याण के लिए संघ की विचारधारा पर कार्य करता है।

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राहुल बोलते रहे हैं हमला
आपको बता दें कि कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने सत्ताधारी भाजपा और संघ पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते रहे हैं। उनका आरोप रहा है कि आरएसएस वाले महिलाओं के साथ भेदभाव करते हैं। राहुल सवाल उठाते रहे हैं कि आरएसएस में कितनी महिलाएं हैं ? कभी शाखा में महिलाओं को देखा है शॉर्ट्स में? मैंने तो नहीं देखा। राहुल आरोप लगाते रहे हैं कि संघ वालों की सोच है कि जब तक महिला चुप रहे, कुछ बोले न, तब तक महिला ठीक है। जैसे ही महिला ने मुंह खोला, उसको चुप करवाओ। संभवत: मोहन भागवत ने संघ व्‍याख्‍यानमाला के पहले दिन अपने उद्बोधन में राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उनके आरोपों का जवाब दे दिया।