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हारने के बाद बीजेपी ने थामी कांग्रेस की राह, किसानों के कर्ज और बिजली बिल माफी की घोषणा

तीन राज्यों में सत्ता गंवाने के बाद अब देश की सबसे बड़ी पार्टी होने के दावा करने वाली बीजेपी ने कांग्रेस का नकल करना शुरु कर दिया है।

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Chandra Prakash Chourasia

Dec 18, 2018

farmer loan waiver

हारने के बाद बीजेपी ने थामी कांग्रेस की राह, किसानों के कर्ज और बिजली बिल माफी की घोषणा

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों का कर्जमाफ किए जाने के बाद अब बीजेपी शासित राज्य भी इस दिशा में बढ़ चले हैं। गुजरात में किसानों के बिजली का बिल माफ करने के बाद असम की बीजेपी सरकार ने भी किसानों के कर्ज को कुछ हद तक माफ कर दिया है। इस तरह देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी भी अपनी चीर प्रतिद्वंदी कांग्रेस के नक्शे कदम पर चल पड़ी है।

असम सरकार ने माफ किसानों का 25 फीसदी कर्ज

असम की सर्बानंद सोनवाल सरकार ने राज्य के किसानों का कर्ज माफ करने का ऐलान किया है। हालांकि यहां किसानों के कर्ज का 25 फीसदी (अधिकतम 25 हजार रुपए) माफ होगा। इस योजना का लाभ सिर्फ उन किसानों को मिलेगा, जिन्होंने पीएसयू बैंकों और किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कर्ज लिया है। इस कर्जमाफी का फायदा राज्य के लगभग आठ लाख किसानों को मिलेगा। इससे सरकार पर 600 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सर्बानंद सोनवाल के इस ऐलान के साथ ही नॉर्थ ईस्ट में असम किसानों की कर्जमाफी करने वाला पहला राज्य बन गया है।

गुजरात सरकार ने माफ किया किसानों का बिजली बिल

वहीं इससे पहले मंगलवार को ही गुजरात की बीजेपी सरकार ने किसानों के हित में फैसला लेते हुए बिजली बिल माफ कर दिया है। किसानों पर करीब 650 करोड़ रुपए के बिजली के बिल बकाया हैं। सरकार का यह फैसला केवल ग्रामीण इलाकों के किसानों के लिए हैं। शहरों में रहने वाले किसानों को इसका फायदा नहीं मिलेगा। सरकार के इस फैसले से करीब 6 लाख 22 हजार लोगों को फायदा मिलेगा। विजय रुपाणी सरकार का यह फैसला ठीक जसदण विधानसभा उपचुनाव के पहले लिया है। ऐसे में यह भी माना यह भी जा रहा है सरकार किसानों को अपने पक्ष में करने के लिए यह फैसला लिया है। सरकार ने यह भी कहा है कि बिजली बिल न भर पाने के कारण काटे गए कनेक्शन को फिर से जोड़ा जाएगा।

मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ सरकार ने की कर्जमाफी की शुरुआत

कांग्रेस ने अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने के 6 घंटे के भीतर दोनों राज्यों में किसानों का 2 लाख रुपए तक का कर्जा माफ किया। इसके बाद दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी को भी इस तरह की चुनौती दी थी। गांधी ने कहा कि हमने वादा किया था कि सरकार बनते कर्जमाफ करेंगे, दो राज्यों में सरकार बनते सिर्फ छह घंटों में कर्ज माफ कर दिए गए। वहीं मोदी जी ने साढ़े चार साल में एक पैसा माफ नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तब तक चैन से नहीं सोने देंगे, जब तक वह किसानों का कर्ज माफ नहीं कर देते।