
नई दिल्ली। मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के अध्यक्ष कोनराड संगमा ने बीजेपी के सहयोग से आज सरकार बना ली है। यहां केवल दो सीटे जीतने के बावजूद भी बीजेपी सहयोगी दलों के बूते कांग्रेस को पीछे धकेलने में सफल हो गई। कोनराड संगमा आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वहीं संगमा के साथ 11 मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई। जानकारी के अनुसार शपथग्रहण समारोह में बीजपी प्रमुख अमित शाह व केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई बड़े नेताओं के मौजूद रहे।
राज्यपाल ने दिया न्यौता
दरअसल, रविवार को संगमा ने 34 विधानसभा सदस्यों का समर्थन पत्र राज्यपाल गंगा प्रसाद को सौंपा था। विधायकों की इस सूची में 19 विधायक एनपीपी, 6 यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, 4 पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, 2 हिल स्टेट डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी), 2 बीजेपी एक निर्दलीय शामिल है। इसके बाद राज्यपाल ने एनपीपी अध्यक्ष कॉनराड को सरकार बनाने का निमंत्रण दिया था। संगमा बीजेपी के सहयोग से पहली बार मेघालय के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
कांग्रेस ने दी शुभकामनाएं
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और उसके सहयोगियों के लिए त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में सरकार गठन का रास्ता लगभग साफ होने के बीच कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि 'सत्ता के लिए भाजपा की अंधी दौड़ पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थायित्व का अतिक्रमण कर रही है।' कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा क्षेत्र में अस्थिरता, विनाश और जबरदस्ती सत्ता हथियाने का खतरनाक खेल खेल रही है। सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय की जनता को हमारी शुभकामनाएं हैं। हम आशा करते हैं कि लोगों के मसले, खासतौर से युवाओं के मुद्दे प्राथमिकता के तौर पर सुलझाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हर भारतीय इस बात को लेकर चिंतित है कि भाजपा की 'किसी भी कीमत पर' और 'किसी भी तरीके' से सत्ता हथियाने की कोशिश से क्या संपूर्ण पूर्वोत्तर क्षेत्र को अस्थिरता के अंधकार में धकेला नहीं जा रहा है? सुरजेवाला ने कहा कि त्रिपुरा में भाजपा ने आईपीएफटी के साथ हाथ मिलाया है जिसका चुनावी मुद्दा राज्य का विभाजन है और अब वह जनजातीय मुख्यमंत्री की मांग कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा त्रिपुरा का विभाजन करेगी और जनजातीय मुख्यमंत्री की मांग को खारिज करेगी।
Published on:
06 Mar 2018 11:08 am
बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
