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पटना एकता बैठक पर बनी बात, सत्ता-विपक्ष ने अलापे अपने-अपने राग

राजधानी पटना में मुख्यमंत्री आवास पर करीब चार घंटे चली बैठक में 15 राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। विपक्षी दलों की अगली एकता बैठक 10-12 जुलाई को शिमला में होगी।

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Lalu yadav and Bihar CM Nitish Kumar

बिहार के सीएम नीतीश कुमार और लालू यादव

नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर पटना में बुलाई गई विपक्षी दलों की एकता बैठक शुक्रवार को संंपन्न हो गई। राजधानी पटना में मुख्यमंत्री आवास पर करीब चार घंटे चली बैठक में 15 राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। विपक्षी दलों की अगली एकता बैठक 10-12 जुलाई को शिमला में होगी। इस बैठक के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर ना सिर्फ हमलावर हुए बल्कि आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर कमर कसते हुए दिखाई दिए। आइए जानते हैं कि पटना एकता बैठक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने क्या कहा?

सत्ता पक्षः
विपक्षी दलों की पटना एकता बैठक पर कटाक्ष करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नहीं हरा सकते और भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने के लिए 2024 के लाेकसभा में 300 से अधिक सीटें जीतेगी।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, पटना की बैठक विपक्ष के लिए दुर्घटना की तरह हो गई है। विपक्ष के पास नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ कोई भी नेता नहीं है। विपक्षी दलों का एकत्रीकरण सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी के नाम का खौफ है। 2024 में किसी के ऊपर हार का ठीकरा न फूटे इसलिए भी यह लोग साथ आए हैं।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, स्वार्थ का गठबंधन, निशाने पर हिंदुस्तान। वह राजनीतिक दल जो एक दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते थे, एकत्रित हुए एक ऐसे संकल्प के साथ जो भारत को आर्थिक प्रगति से वंचित करता है। यह राजनीतिक दल जब भी एक साथ आए तब भ्रष्टाचार, परिवारवाद लाए और राष्ट्र की आर्थिक प्रगति को संकुचित करने का अपने संग आरोप लेकर आए।

पटना में BJP सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा, विपक्षी दलों की बैठक टाय टाय फिश हो गई, क्योंकि इस बैठक में सिर्फ अगली बैठक कब होगी, ये तय हुआ है। बैठक से देश की जनता क्या नहीं जानना चाहेगी कि नीतीश कुमार,अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी में से कौन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला करने वाले हैं। इन लोगों ने तो बाहर भी बोला था कि वो एक साथ लड़ेंगे।

विपक्षी दलः
पटना में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, पटना का यही संदेश है कि हम सब मिलकर काम करेंगे और मिलकर देश को बचाने का काम करेंगे। वहीं पटना में RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा, आज की बैठक में सबने खुलकर अपने विचार रखे हैं और तय हुआ है कि अगली बैठक शिमला में होगी और उसमें आगे की रणनीति तय करेंगे। एक होकर हमें लड़ना है।

नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा, इतने लोगों को इकट्ठा करना छोटी बात नहीं है। हमारा मकसद ताकत हासिल करना नहीं है। यह उसूलों, विचारधारा, सोच, इरादों की लड़ाई है। मैं और महबूबा मुफ्ती इस मुल्क के ऐसे बदनसीब इलाके से ताल्लुक़ रखते हैं जहां लोकतंत्र का दिनदहाड़े कत्ल किया जा रहा है। वज़ीर-ए-आज़म को व्हाइट हाउस में लोकतंत्र की बात करते हुए अच्छा लगा लेकिन यह लोकतंत्र जम्मू-कश्मीर तक क्यों नहीं पहुंचता?

चेन्नई में DMK अध्यक्ष और तमिलनाडु CM एम. के. स्टालिन ने कहा, भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए आज बिहार में विभिन्न विपक्षी दलों की मंत्रणा बैठक हुई। सभी विपक्षी पार्टियों का लक्ष्य भाजपा को हराना है। हमने अभी प्रधानमंत्री उम्मीदवार के बारे में तय नहीं किया है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा हमारा एकमात्र दायित्व है। देश को एक नई दिशा देने के लिए हमारी बैठक। वहीं कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने ट्वीट किया, भारत जोड़ो की हवा चल पड़ी है। अब देशभर में इसका असर दिखेगा। देश तोड़ने वालों के खिलाफ हम एकजुटता से लड़ेंगे।