
संसद के मॉनसून सत्र में किसान बिल और श्रम सुधार सहित 25 महत्वपूर्ण बिल पास ।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के बीच संसद का मानसून सत्र ( Parliament Monsoon Session ) सीमिम समय यानि 10 दिन का काम-काज निपटा कर बुधवार को तय तारीख से 8 दिन पहले ही समाप्त कर दिया गया। इस छोटी सी अवधि में ही तीन किसान बिलों और तीन श्रम सुधार बिलों सहित 25 महत्वपूर्ण विधेयक पास हुए।
यह पहला ऐसा सत्र रहा जब दोनों ही सदनों में प्रश्न काल नहीं हो सका। साथ ही इस दौरान पहली बार विपक्षी पार्टियों ने राज्य सभा के किसी उप सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में सदन ने 25 अहम बिल पारित किए। सत्र 14 सितंबर को शुरू हुआ था और 1 अक्तूबर तक जारी रहना था। लेकिन दस दिन के काम-काज के बाद सत्र को अनिश्चित काल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
सांसदों की मौजूदगी 167 % - बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के चौथे सत्र के समाप्त होने पर बताया कि सदन की उत्पादकता इस दौरान 167 फीसदी रही। यह अन्य सत्रों के मुकाबले अधिक है। इन बैठकों के लिए निर्धारित कुल 37 घंटों की तुलना में कुल 60 घंटे की कार्यवाही पूरी हुई।
10 दिन में 25 बिल हुए पारित
सत्र के दौरान 10 बैठकों में 25 विधेयक पारित हुए। अनुदानों की मांगों पर चर्चा 4 घंटे 38 मिनट तक चली। विनियोग विधेयक भी पारित किए गए। वर्तमान सत्र के दौरान, 16 सरकारी विधेयक फिर से स्थापित किए गए।
बायकाट के बीच पहले भी पारित हुए हैं बिल - नायडू
विपक्ष के बायकाट के बीच बिलों को पास किए जाने के कदम को राज्य सभा के सभापति वेंकैया नायडु ने सही ठहराते हुए कहा कि पहले भी ऐसे कई उदाहरण रहे हैं जब सदस्यों के वाक आउट या बायकाट के बीच बिलों को पारित किया गया है। विपक्ष ने उन्हें पत्र लिख कर अनुरोध किया था कि उनके बायकाट के बीच जरूरी बिल पारित नहीं किए जाएं।
पहली बार अविश्वास प्रस्ताव
विपक्ष की ओर से राज्यसभा उप सभापति हरिवंश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। मगर 14 दिन की पूर्व सूचना नहीं होने की वजह से इसे नामंजूर कर दिया गया।
कोरोना के खास इंतजाम
कोरोना के कारण सत्र में अनेक नए उपाय किये गये। दोनों सदनों के सदस्य दूसरे सदनों में और उनकी दीर्घाओं में बैठे। यह अपने आप में ससंद के इतिहास में एक अभूतपूर्व स्थिति थी।
राज्यसभा की उत्पादकता 100%
राज्य सभा में भी 10 बैठकों में 25 विधयेक पारित हुए और 6 विधेयक स्थापित किये गये। इस सत्र में सदन की उत्पादकता 100.47% रही। इस दौरान 1567 अतारांकित प्रश्नों के लिखित जवाब दिये गये। शून्यकाल में दौरान जनहित के 92 विषय तथा विशेष उल्लेख के माध्यम से जनहित के 66 मुद्दे उठाये गये।
इन मायनों में रहा ऐतिहासिक
1. दोनों ही सदनों में प्रश्न काल नहीं हो सका
2. दोनों ही सदनों में निजी विधेयक पेश नहीं हुए
3. एक सदन के सदस्य दूसरे सदन में भी बैठे
4. दर्शक दीर्घा सहित गैलरियों से भी चली संसद की कार्यवाही
5. राज्य सभा उप सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया
6. विपक्ष के बायकाट के बीच इतनी संख्या में बिल पारित
7. शनिवार और रविवार को भी आयोजित हुई सदन की बैठकें
पास किए गए महत्वपूर्ण बिल
- तीन किसान बिल
- आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020,
- कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020,
- कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020,
तीन श्रम सुधार बिल
- उपजीविकाजन्या सुरक्षा, स्वासस्य्यि और कार्यदशा संहिता, 2020,
- औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 और
- सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020.
Updated on:
24 Sept 2020 12:21 pm
Published on:
24 Sept 2020 08:24 am
बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
