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पीएम मोदी न तो मुझसे बात करते हैं, न ही मेरी तरफ देखते हैं: केजरीवाल

टकराव की राजनीति की वजह से सीएम केजरीवाल को धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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Dhirendra Kumar Mishra

Jun 17, 2018

kejriwal

पीएम मोदी न तो मुझसे बात करते हैं, न ही मेरी तरफ देखते हैं: केजरीवाल

नई दिल्‍ली। दिल्‍ली सरकार के कामकाज को लेकर जारी टकराव के बीच सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया है कि नीति आयोग की बैठक में जाने से कोई लाभ होने वाला नहीं है। उन्‍होंने कहा कि इस तरह की बैठकों में जब भी शामिल होता हूं तो पीएम मोदी आते हैं लेकिन वह मुझसे बात भी नहीं करते, मेरी तरफ देखते तक नहीं। पीएम के साथ अधिकतर बैठकों में दिल्ली के प्रतिनिधि को बोलने तक का मौका नहीं दिया जाता। ये बात सीएम ने एक मीडिया हाउस से बातचीत में कही है।

हड़ताल खत्‍म कराने की अपील
उन्‍होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर दिल्ली के लोगों की तरफ से अपील की है कि नीति आयोग की मीटिंग से पहले दिल्ली के आईएएस अफसरों की हड़ताल खत्म करवाएं। पीएम चाहें तो हड़ताल एक मिनट में खत्म कर सकते हैं। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। जबकि दिल्‍ली अर्द्धशासी राज्‍य है। ऐसे में केंद्र की भूमिका अहम होती है। केंद्र के सहयोग नहीं मिलने के कारण ही धरने पर बैठना पड़ा है।

चार बार की एलजी से मुलाकात की
उन्‍होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे उन आरोपों को मनगढंत करार दिया जिसमें ये कहा जा रहा है कि दिल्‍ली के सीएम इस मसले को बातचीत से सुलझाना नहीं चाहते हैं। उन्‍होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में एलजी से कई दौर की बातचीत हुई है। मैं खुद उनसे 4 बार मुलाकात की। डिप्‍टी सीएम मनीष ने 4 बार, गोपाल राय ने 3 बार और सत्येंद्र ने 3 बार मुलाकात की। सीएम ऑफिस की तरफ से एलजी को चिट्ठी लिखी भी कई बार लिखी। हर बार एलजी साहब एक ही बात कहते थे, मुझे एक सप्‍ताह का समय दो। तीन महीनों में हमें यकीन हो गया कि मामले का निपटारा करने के बजाए टरकाया जा रहा है। साथ ही टकराव की नीति जारी है। केंद्र सरकार ने ही एलजी के जरिए हड़ताल करवाई है। केंद्र का मकसद है कि हमारा शेष कार्यकाल इसी तरह से हमारी सरकार को पंगु बना कर निकाल दें। दिल्‍ली की जनता के हित में काम करने के सभी दरवाजे बंद होने के बाद हमने निर्णय लिया कि कोई न कोई कदम जरूर उठाने होंगे।