
बिहार की इन रेल परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल सहित पूर्वोत्तर के राज्यों को भी इसका लाभ मिलेगा।
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार में सौगातों की बारिश की। पीएम मोदी ( pm modi ) के हाथों कोसी रेल महासेतु का उद्घाटन के साथ ही बिहार के इस डरावनी नदी पर फिर से रेल का आवागमन चालू हो गया। इसके साथ ही पीएम ने यात्री सुविधाओं से संबंधित रेलवे की 12 परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।
इतना ही नहीं, शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पटना में बिहार का पहला अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित आईएसबीटी प्रदेश की जनता को समर्पित किया।
पीएम मोदी ने रेल परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद कहा कि 3000 करोड़ रुपए की लागत वाली ये परियोजनाएं न केवल बिहार के रेल नेटवर्क को मजबूत करेंगी बल्कि पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत की रेल कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेंगी।
पीएमओ से जारी एक बयान के मुताबिक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पीएम मोदी ने कोसी रेल महासेतु का उद्घाटन किया। यह अवसर बिहार के लोगों के एक ऐतिहासिक साबित हुआ। ऐसा इसलिए कि इस लाइन पर दशकों में बाद रेल सेवा चालू हो गया वहीं यह सेतु पूर्वोत्तर भारत के राज्यों से भी बिहार न देश के अन्य हिस्सों से जोड़ेगा।
हाल ही में पीएम मोदी ने दुर्गापुर बाढ़ गैस बॉटलिंग प्लांट सहित बिहार को दर्जन भर से अधिक परियोजनाओं की सौगात दी है।
शुक्रवार को पीएम मोदी ने कोसी महासेतु के अलावा 12 रेल परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इन रेल परियोजानाओं में किउल नदी पर एक रेल सेतु, दो नई रेल लाइनें, पांच विद्युतीकरण से संबंधित, एक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव शेड और बाढ़ और बख्तियारपुर में तीसरी लाइन परियोजना भी शामिल है।
आज पीएम ने सहरसा-असनपुर कुपहा रेल सेवा को सुपौल स्टेशन से हरी झंडी दिखाया। इस रेल सेवा की शुरुआत से सुपौल, अररिया और सहरसा जिले के लोगों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। वहीं कोलकाता, दिल्ली और मुंबई जैसी लंबी दूरी के रेल यात्रियों को यात्रा में कम समय लगेगा।
पीएम मोदी मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी, कटिहार-न्यू जलपाईगुड़ी, समस्तीपुर-दरभंगा-जयनगर, समस्तीपुर-खगड़िया और भागलपुर-शिवनारायणपुर रेलखंडों के विद्युतीकरण परियोजनाओं का भी आज उद्घाटन किया।
बिहार को मिला पहला ISBT
बिहार में बनकर तैयार पहला अंतरराज्यीय बस अड्डे को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज प्रदेश की जनता को समर्पित करेंगे। यह आईएसबीटी लगभग 25 एकड़ में फैला है। पटना स्थित इस आईएसबीटी का निर्माण बुडको ने किया है। आईएसबीटी 5 मंजिला है।
पटना के इस मॉर्डन आईएसबीटी में 4 अलग-अलग ब्लॉक बनाए गए हैं। 350 करोड़ से ज्यादा की लागत से तैयार बस अड्डे में सिनेमा घर, मॉल से लेकर शॉपिंग कॉम्पलेक्स तक की सुविधा है। यात्रियों के ठहरने और आराम करने के लिए अत्याधुनिक वेटिंग रूम और स्नानागार भी बनाए गए हैं।
Updated on:
18 Sept 2020 03:12 pm
Published on:
18 Sept 2020 01:27 pm

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