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राहुल गांधी बोले- विदेशी शक्तियों के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेक दिए घुटने

राहुल गांधी ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चीन यात्रा को लेकर ‘कोई एजेंडा’ नहीं है जबकि चीन का स्पष्ट तौर पर ‘छिपा एजेंडा’ था और अब उसकी परते खुल रही हैं।

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Chandra Prakash Chourasia

Jul 13, 2018

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राहुल गांधी बोले- विदेशी शक्तियों के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेक दिए घुटने

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेशी शक्तियों के सामने घुटने टेकने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि अब तक कोई प्रधानमंत्री नहीं हुआ जो इस कदर झुका हो। राहुल ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी बिना एजेंडा के चीन की यात्रा पर जाते हैं लेकिन चीन गुप्त एजेंडा के साथ चलता है और अब उसका खुलासा हो रहा है।

चीन दौरे का नहीं था कोई एजेंडा: राहुल

राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि हमारे प्रधानमंत्री का चीन यात्रा को लेकर ‘कोई एजेंडा’ नहीं है जबकि चीन का स्पष्ट तौर पर ‘छिपा एजेंडा’ था और अब उसकी परते खुल रही हैं। इतिहास में पहले कभी कोई प्रधानमंत्री विदेशी शक्तियों के दबाव में इस कदर नहीं झुका। बीजेपी का यह राष्ट्रवाद सबके सामने है।

यह भी पढ़ें: ट्विटर पर फेक अकाउंट बंद होने का असर, पीएम मोदी और राहुल गांधी ने गंवाए फॉलोवर

पैसे की कमी से चीन सीमा की निगरानी बंद

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने इस पोस्ट के साथ एक खबर को भी पोस्ट किया है जिसमें कहा गया है कि पैसे की कमी के कारण चीन सीमा पर ऊंची चोटियों की निगरानी के लिए भारतीय सेना ने माउंटेन स्ट्राइक कोर के गठन को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र खुला रखने के पक्ष में भारत

दूसरी ओर भारत ने शुक्रवार को चीन से कहा कि वह हिंद-प्रशांत क्षेत्र को उन्मुक्त व खुला रखने के पक्ष में है और इस इलाके में बीजिंग के विरुद्ध गुट बनाने में विश्वास नहीं करता है। दोनों देशों के बीच समुद्री मामलों को लेकर यह दूसरे दौर की वार्ता थी। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के खिलाफ अमरीका, जापान, भारत और आस्ट्रेलिया के तथाकथित चतुष्कोणीय गुट की बहाली से चीन की चिंता बढ़ गई है और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में वह ज्यादा हठधर्मी बन गया है। भारत ने हालांकि सिंगापुर में शांग्रीला वार्ता के दौरान चीन की चिंता कम करने की कोशिश की जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा कि नई दिल्ली हिंद-प्रशांत क्षेत्र को एक रणनीति या सीमित सदस्यों के गुट के रूप में नहीं देखती है।