
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार
नई दिल्ली। एनसीपी नेता अजित पवार के अपने समर्थक विधायकों के साथ एनडीए में शामिल होने के फैसले ने महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी भूचाल ला दिया है। भाजपा और शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट ने फैसले के बाद जहां अजित पवार को डिप्टी सीएम बनाया, वहीं कई समर्थक विधायकों को मंत्री पद की शपथ भी दिलाई। डिप्टी सीएम बनते ही अजित पवार ने ना सिर्फ एनसीपी पर दावा ठोका बल्कि अपने इरादे भी जाहिर कर दिए। अजित पवार के साथ आने से भाजपा को भी अब सत्ता संतुलन का बेहतरीन मौका मिल गया है। शिवसेना के एकनाथ शिंदे भले ही सत्ता की अगुआई कर रहे हों लेकिन राज्य की असली बागडोर तो भाजपा के हाथ में ही है। अजित पवार का साथ मिलने से भाजपा जहां एकनाथ शिंदे गुट से 'मोलभाव' कर सकेगी वहीं सत्ता का रिमोट कंट्रोल हरहाल में अपने हाथ में रखना चाहेगी। उधर, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के सियासी पैतरे के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस, शिवसेना के उद्वव गुट समेत कई नेताओं की ओर प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। आइए नेताओं के बयानों पर डालते हैं नजर--
शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के संजय राउत ने कहा, यह प्रक्रिया चल रही थी हमें पहले से पता था। इस बारे में मैंने पहले भी कहा था कि यह हो सकता है। एकनाथ शिंदे के उपर जो डिस्क्वालिफिकेशन की तलवार लटक रही थी वो जल्द ही गिरने वाली है। उनके साथ 16 विधायक जो गए थे वे डिस्क्वालिफाई हो जाएंगे। अभी कुछ दिनों में महाराष्ट्र को एक और मुख्यमंत्री मिलेगा।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, भाजपा समय-समय पर प्रयोग करती है, प्रयोगशाला बनाई गई हैं। पहले मध्य प्रदेश था फिर महाराष्ट्र और यह पूरा देश देख रहा है। वहीं, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा, ये उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है, ना जाते तो बेहतर होता।
नागपुर में महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, भाजपा केंद्र में बैठकर शक्ति का इस्तेमाल कैसे करती है, ये स्पष्ट हो चुका है। आज महाराष्ट्र में जो तमाशा भाजपा ने बनाया है, भाजपा सत्ता के लिए कुछ भी कर सकती है, किसी का भी घर तोड़ सकती है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा, कुछ विधायकों से इस वक्त संपर्क नहीं हो पा रहा क्योंकि वे देश से बाहर हैं लेकिन मैंने उन सभी से बात की है और वे हमारे फैसले से सहमत हैं। उन्होंने कहा, पार्टी के नाते हमने ये फैसला लिया है। पूरे विधायक हमारे साथ हैं, पार्टी के सांसद हमारे साथ हैं। पार्टी के कार्यकर्ता हमारे साथ हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, कैबिनेट में सीट बंटवारे पर अभी बहुत समय बाकी है। विकास के मुद्दे पर हम लोग साथ में आए हैं. लोकसभा चुनाव में पिछली बार उन्हें (विपक्ष) 4-5 सीटें मिली थीं, इस बार उतनी भी मिल पाएं तो बहुत हैं। उन्होंने कहा, जब किसी कर्मठ नेता-कार्यकर्ता को दबाया जाता है तब ऐसी घटना होती है। अजित पवार एक काम करने वाले नेता है, विकास के ऊपर विश्वास रखने वाले नेता हैं इसलिए सबने उनका साथ दिया है।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, NCP से आए अजित पवार और उनके साथ आए विधायकों का भाजपा परिवार में स्वागत है। यह 2024 के लिए संदेश है। महाराष्ट्र अब दूसरा सबसे अधिक सांसद देने वाला राज्य होगा। हम वहां 48 लोकसभा सीटें जीत सकते हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, महाराष्ट्र में पहले शिवसेना को तोड़ा गया और अब NCP को। पहले डबल इंजन की सरकार थी, अब ट्रिपल इंजन हो गई। यह सरकार नहीं ऑटो रिक्शा हो गई है, तीन चक्के वाली। मैंने देखा की शपथ ग्रहण में फडणवीस और पवार दोनों एक तरफ बैठे मुस्कुरा रहे हैं और दूसरी तरफ शिंदे बैठे हैं, जिनका चेहरा उतरा हुआ है। आज की घटना आने वाले समय में होने वाले घटनाक्रम का संकेत दे रही है। शरद पवार ने अपने पत्ते अभी नहीं खोले हैं।
पटना में जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा, भाजपा जनता की ताकत में विश्वास नहीं करती है, जोड़-तोड़ पर विश्वास करती है। उन्हें झटका लगेगा। वे (बिहार में महाराष्ट्र सरकार जैसी स्थिति बनने पर) बहुत कोशिश कर चुके हैं।
NCP प्रमुख शरद पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ये गुगली नहीं है, ये रॉबरी है। ये छोटी बात नहीं है। दो दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने NCP के बारे कहा था कि एनसीपी खत्म हो चुकी पार्टी है। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र किया। मुझे खुशी है कि मेरे कुछ साथियों ने आज शपथ ली है। उनका सरकार (महाराष्ट्र) में शामिल होने से यह स्पष्ट है कि वे सभी आरोप मुक्त हो गए हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, यह साफ है कि BJP की वॉशिंग मशीन ने अपना काम फिर से शुरू कर दिया है। आज महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हुए नेताओं में से कई पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। ED, CBI और इनकम टैक्स के अधिकारी उनके पीछे पड़े थे। अब उन सभी को क्लीन चिट मिल गई है। महाराष्ट्र को BJP के चंगुल से मुक्त कराने के लिए कांग्रेस अपनी कोशिशें और तेज करेगी।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, महाराष्ट्र में आज जो राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है वो दिखाता है कि धनबल एवं केन्द्रीय एजेंसियों के दम पर भाजपा विपक्षी पार्टियों को खत्म कर देना चाहती है। इसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है। कल तक अजित पवार सहित जिन नेताओं पर भाजपा भ्रष्टाचार के आरोप लगाती थी उन सभी को मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया। भाजपा विपक्षी पार्टियों के एक साथ आने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही घबरायी हुई है जिसके कारण केन्द्रीय एजेंसियों से दबाव डालकर क्षेत्रीय दलों को तोड़ रही है। भाजपा कितना भी कुप्रयास कर ले, जनता ने तय कर लिया है कि लोकतंत्र की हत्या के इन प्रयासों को नाकाम कर समय आने पर अनुकूल जवाब देगी।
Updated on:
02 Jul 2023 08:47 pm
Published on:
02 Jul 2023 08:41 pm
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