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आरजेडी के समर्थन से जीतनराम मांझी के बेटे बनेंगे एमएलसी, राबड़ी समेत 4 लोगों ने भरा पर्चा

बिहार विधान परिषद में पहली बार पूर्व सीएम जीतनराम मांझी के बेटे संतोष का पहुंचना तय है। उन्होंने राबड़ी देवी के साथ शुक्रवार को पर्चा भरा।

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पटनाः बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी समेत चार प्रत्याशियों ने शुक्रवार को एक साथ विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन पर्चा दाखिल किया। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव भी मौजूद रहे। पर्चा दाखिल करने के बाद खुशी जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि प्रत्याशियों का चयन सर्वसम्मति से हुआ है। आरजेडी की ओर राबड़ी देवी, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र पूर्वे और सैयद मोहसिन खुर्शीद ने नामांकन पर्चा दाखिल किया।

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मांझी के बेटे ने भी भरा पर्चा
हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रत्याशी के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के बेटे संतोष सुमन ने नामांकन किया। हम के प्रत्याशी का आरजेडी समर्थन करेगा। विधायकों की संख्या बल के हिसाब से आरजेडी और हम के प्रत्याशियों का विधान परिषद पहुंचना तय माना जा रहा है। बिहार विधान परिषद चुनाव में 11 सीटों के लिए 16 अप्रैल तक नामांकन किया जा सकता है। 11 से अधिक उम्मीदवारों के चुनाव में उतरने की स्थिति में मतदान की नौबत आएगी, तो 26 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा।

बीजेपी, जेडीयू और कांग्रेस के प्रत्याशियों का ऐलान नहीं
बीजेपी और जेडीयू ने अभी तक प्रत्यशियों की औपचारिक घोषणा नहीं की है। बिहार विधान परिषद के जिन 11 सीटों के लिए चुनाव होंगे, उसमें कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की सीटें शामिल हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार , उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का भी कार्यकाल खत्म हो रहा है। इसके अलावा जेडीयू प्रवक्ता संजय सिंह का भी कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन सभी दिग्गज नेताओं का विधान परिषद पहुंचना फिर से तय माना जा रहा है। उधर महागठबंधन में शामिल कांग्रेस की तरफ से भी अभी तक उम्मीदवारों का ऐलान नही किया गया है। विधायकों के संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस का एक प्रत्याशी विधानसभा पहुंच सकता है।

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