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उन्नाव और कठुआ रेप कांड के खिलाफ कांग्रेस का कैंडल मार्च, राहुल गांधी सहित कई कांग्रेसी नेता शामिल

उत्तर प्रदेश के उन्नाव और जम्मू कश्मीर के कठुआ में हुए दुष्कर्म के खिलाफ कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में गुरुवार देर रात कैंडल मार्च निकाला गया।

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के उन्नाव और जम्मू कश्मीर के कठुआ में हुए लड़कियों के साथ हुए दुष्कर्म के खिलाफ कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में गुरुवार देर रात कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च नई दिल्ली के मान सिंह रोड से इंडिया गेट तक निकाला गया। इससे पहले गुरुवार शाम राहुल गांधी ने ट्वीट कर लोगों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की थी।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के तमाम नेताओं समेत हजारों की संख्या में लोग इस कैंडल मार्च में हिस्सा लेने के लिए इंडिया गेट पहुंचे। राहुल गांधी की अगुवाई में निकाले गए इस कैंडल मार्च में प्रियंका वाड्रा, रॉबर्ट वाड्रा, गुलाम नबी आजाद, अंबिका सोनी, सलमान खुर्शीद, रणदीप सिंह सुरजेवाला, अहमद पटेल, दिग्विजय सिंह , अजय माकन समेत कांग्रेस के कई दिग्गज शमिल हुए।

पुलिस ने आगे बढ़ने से रोका

पुलिस ने जब मार्च को मान सिंह रोड से इंडिया गेट के रास्ते पर रोकने की कोशिश की तो पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच झड़प हुई। इसी बीच कुछ कांग्रेसी नेताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को हटाने की भी कोशिश की। खुद राहुल गांधी पुलिस बैरिकेड पर चढ़ गए।

राहुल गांधी ने कहा, महिलाओं में असुरक्षा की भावना

राहुल गांधी ने मौजूद मीडिया के लोगों से बातचीत करते हुए कहा कि देश में महिलाओं के प्रति असुरक्षा का माहौल है। राहुल गांधी ने कहा कि 'महिलाओं के खिलाफ लगातार अत्याचार हो रहे हैं, यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय समस्या है। इसी के खिलाफ आज हमने विरोध प्रदर्शन किया है जिसमें सभी पार्टियों के लोग शामिल हुए हैं।' राहुल ने कहा कि सरकार को कुछ ऐसे कदम उठाने होंगे जिससे कि देश की महिलाएं सुरक्षित महसूस कर सकें।

कांग्रेस अध्यक्ष ने उन्नाव रेप मामले को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के बाद कठुआ में बच्ची से हुए गैंगरेप और उसकी हत्या पर भी सवाल उठाए। राहुल गांधी ने कठुआ गैंगरेप का जिक्र करते हुए कहा कि कैसे कोई व्यक्ति दोषियों को बचाने की मांग कर सकता है। राहुल गांधी ने इस संबंध में की जा रही राजनीति की भी जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा, 'इस तरह का पाप करने वाले दोषियों को कोई बचाने की कोशिश कैसे कर सकता है।' उन्होंने कहा कि देश के अलग अलग हिस्सों में एक के बाद एक रेप के मामले सामने आ रहे हैं। लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी है। एक तरफ पीएम मोदी नारी सशक्तिकरण की बात करते हैं तो दूसरी तरफ भाजपा शासित देश के सबसे बड़े प्रांत में कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उन्नाव व कठुआ में दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के प्रेशर के चलते कठुवा मामले का आरोपी शिकंजे में आ गया है पर अब राज्य भाजपा के मंत्री उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीँ दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि "दुष्कर्म पीडि़ता व उनके परिवार के लोग इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सरकार सो रही है। उसे ही जगाने के लिए रात 12 बजे मार्च निकाला जा रहा है।"

प्रियंका हुईं नाराज

मान सिंह रोड से कांग्रेस का यह मार्च इंडिया गेट की ओर बढ़ा तो पुलिस ने कांग्रेसी नेताओं को रोकने की कोशिश की। इस पर प्रियंका गांधी वहीँ धरने पर बैठ गईं। इसी दौरान कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनने के बाद प्रियंका ने वहां मौजूद कुछ पार्टी नेताओं को जमकर फटकार लगाई। प्रियंका गांधी ने नाराज होकर कहा, " जिन्हें धक्का मुक्की करनी है वो घर जाएं।"

निर्भया के माता-पिता भी हुए शामिल

कांग्रेस पार्टी के कैंडल मार्च में निर्भया के माता पिता भी पहुंचे थे। इस दौरान लोगों ने उनका तालियां बजाकर अभिवादन किया। तब राजपथ पर कांग्रेस का मार्च कुछ समय के लिए रुक गया था। निर्भया की मां ने मीडिया से बात-चीत में कहा कि वह नहीं चाहती कि इस देश में निर्भयाओं के बनने का दौर जारी रहे।