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आलोक वर्मा के फैसले पर राहुल का मोदी सरकार पर निशाना, ‘रफाल घोटाले में PM मोदी को कोई नहीं बचा सकता’

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है।
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नई दिल्ली

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Saif Ur Rehman

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Updated: 8 Jan 2019, 3:36 PM IST

Rahul gandhi

अलोक वर्मा के फैसले पर राहुल का मोदी सरकार पर निशाना, 'रफाल घोटाले में PM मोदी को कोई नहीं बचा सकता'

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने इस फैसले को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी का कहना है कि रफाल घोटाले में पीएम मोदी को कोई नहीं बचा सकता है। रफाल की बहस से पीएम मोदी भाग नहीं सकते हैं। उन्होंने कहा, "रफाल की जांच करने वाले थे सीबीआई प्रमुख। अब सीबीआई (आलोक वर्मा) प्रमुख फिर आएंगे"। राहुल गाधी ने आगे कहा, "सीबीआई प्रमुख को रात में 1 बजे हटा दिया गया क्योंकि वह रफाल घोटाले की जांच शुरू करने वाले थे। अब जबकि वह बहाल हो गए तो कुछ न्याय हुआ है। अब देखते हैं क्या होता है।"

CBI विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को केजरीवाल ने रफाल सौदे से जोड़ा, पीएम मोदी पर साधा निशाना

इससे पहले आलोक वर्मा के सुप्रीम फैसले को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रफाल डील से जोड़ दिया। केजरीवाल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि सुप्रीम कोर्ट के सीबीआई निदेश आलोक वर्मा की बहाली करने वाला फैसला पीएम पर प्रत्यक्ष तौर पर तोहमत है। मोदी सरकार ने देश में सभी संस्थानों और लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया है। क्या रफाल घोटाले की जांच को रोकने के लिए सीबीआई निदेशक को गलत तरीके से आधी रात को नहीं हटाया गया, जो सीधे पीएम की ओर जाता है?

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'सरकार की मंशा पर सवाल नहीं उठाए जा सकते है'

अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि सरकार की मंशा पर सवाल नहीं उठाए जा सकते हैं। निष्पक्ष जांच के लिए और जांच एसेंसी की साख बचाने के लिए CBI के दोनों अधिकारियों को छुट्टी पर भेजा गया। अरुण जेटली ने कहा कि चूंकि निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग की सलाह पर दोनों को छुट्टी पर भेजा गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि अभी सरकार फैसलों को विस्तार से पढ़ेगी तभी आगे के कदम उठाए जाएंगे। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस फैसले को संतुलित फैसला करार दिया। विरोधियों पर अप्रत्यक्ष तौर पर निशाना साधते हुए अरुण जेटली ने कहा कि इस फैसले को राजनीति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। सरकार किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष-विपक्ष के साथ नहीं