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बालिका गृहों की घटानाएं दुखदायी और शर्मनाक, दोषियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई : राजनाथ सिंह

बालिका गृह कांड पर सियासत जोरों पर है। विपक्ष लगातार हमला बोल रहा है। वहीं केंद्रीय गृह गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सदन में आज प्रतिक्रिया दी।
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नई दिल्ली

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Prashant Kumar Jha

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Updated: 7 Aug 2018, 8:42 PM IST

Rajnath Singh

bjp like rajnath SC and OBC formula for mission 2019

नई दिल्ली: बिहार और उत्तर प्रदेश में बालिका गृहकांड पर संसद में पिछले कई दिनों से मामला उठ रहा है। मंगलवार को पहली बार केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश के आश्रय गृहों की घटानएं दुखदायी और शर्मनाक हैं। सिंह ने सदन को आश्वस्त किया कि ऐसे कृत्यों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे। सिंह ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा, "मैं संबंधित मंत्रालय से सभी राज्यों को एक एडवाइजरी जारी करने का आदेश देता हूं ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। पहले से चल रहे आश्रय गृहों की जांच की जा सकती है। उन्होंने कहा, "जो भी बिहार और उत्तर प्रदेश में हुआ, वह दुखदायी व शर्मनाक है।" देवरिया आश्रय गृह की घटना सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ सरकार द्वारा उठाए गए 'ठोस कदमों' की केंद्रीय मंत्री ने जब सराहना की, उसके बाद सदन में फिर से हंगामा शुरू हो गया। राजनाथ सिंह ने कहा, "उन्होंने (आदित्यनाथ) सभी अधिकारियों की एक बैठक बुलाई और उन्हें सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया। जिला नियोजन अधिकारी को निलंबित कर दिया गया और आश्रय गृह के प्रबंधकों को गिरफ्तार कर लिया गया।"

राहुल गांधी ने सरकार पर उठाया सवाल

वहीं महिला अधिकारी सम्मेलन में कांग्रेस ने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध को लेकर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि चार साल में महिलाओं के खिलाफ अपराध की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। केंद्र सरकार महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराने में नाकाम है। राहुल गांधी ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ नहीं बोलते। वहीं सदन में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "इस मुद्दे को लगातार पिछले तीन दिनों से सदन में उठाया जा रहा है। मामले के निरीक्षण के लिए संसदीय समिति बनाई जाए जो अपनी रिपोर्ट दाखिल करे।"

विपक्षी दलों ने सदन का वॉकआउट किया

कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने देवरिया और मुजफ्फरपुर आश्रय गृह दुष्कर्म मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा, "इस तरह की घटनाएं सचमुच बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। सभी सदस्यों को अपने अपने क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं के प्रति सचेत रहना चाहिए।"

बिहार और उत्तर प्रदेश में बालिका गृह में दुष्कर्म

गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में 34 लड़कियों के साथ यौन शोषण होने के मामले की पुष्टि हो चुकी है। मामले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई कर रही है। बालिका गृह के संचालक ब्रजेश ठाकुर जेल में बंद है।इधर उत्तर प्रदेश के देवरिया में 24 लड़कियों के साथ मुजफ्फरपुर जैसे घटनाएं हुई। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी को निलंबित कर दिया है। और जांच के आदेश दे दिए हैं।