Rajya Sabha Elections 2020: कांग्रेस के सामने Cross voting रोकने की चुनौती, दिल्ली बनाई जा रही रणनीति

- Rajya Sabha Elections में कांग्रेस की क्रॉस वोटिंग रोकने की चुनौती
- Delhi में बन रही राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात में क्रॉस वोटिंग रोकने की रणनीति
- MP में भाजपा के एससी के विधायकों को लुभाने की रणनीति
- Rajya Sabha candidate बौरेया के साथ प्रभारी महासचिव व सचिव भी एससी वर्ग के

By: Mohit sharma

Updated: 02 Jun 2020, 10:18 PM IST

शादाब अहमद

नई दिल्ली। राज्यसभा चुनाव ( Rajya Sabha Elections 2020 ) की तारीख तय होते ही कांग्रेस ( Congress ) में हलचल तेज हो गई है। राजस्थान और गुजरात में कांग्रेस की सबसे बड़ी चुनौती खुद के विधायकों की क्रॉस वोटिंग ( Cross voting ) रोकने की है। जबकि मध्यप्रदेश में कांग्रेस दलित राजनीति ( Dalit politics ) का नया समीकरण बनाने की जुगत में लगी हुई है। इसको लेकर दिल्ली में रणनीति बनानी शुरू हो गई है।

Cyclone Nisarga Alert: Mumbai में तेज हवाओं के साथ बारिश, Fire Brigade ने जारी की Advisory

राजस्थान में जहां तीन सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। आंकड़ों के लिहाज से कांग्रेस दो सीट आसानी से जीतती दिख रही है, लेकिन भाजपा एक अतिरिक्त उम्मीदवार खड़ा कर कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है। इसको लेकर कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट व प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे को रणनीति बनाने के लिए कहा है। सूत्रों ने बताया कि आलाकमान ने साफ कर दिया है कि किसी भी सूरत में कांग्रेस के विधायकों की सेंधमारी नहीं होनी चाहिए।

Delhi Riots: ताहिर हुसैन सहित 15 लोगों के खिलाफ़ चार्जशीट, दंगे भड़काने की साजिश का आरोप

एमपी में बदला लेने की रणनीति
उधर, मध्यप्रदेश में सरकार गंवाने के बाद कांग्रेस खासी सतर्क है। कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफा देकर भाजपा में जाने से राज्यसभा चुनाव के समीकरण बदल चुके हैं। यहां कांग्रेस तीन में से सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल करने की स्थिति में है। हालांकि कांग्रेस ने सिंधिया प्रकरण का बदला लेने के लिए लॉकडाउन के बीच नई सिरे से रणनीति तैयार की है। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने दलित चेहरे फूलसिंह बौरेया को उम्मीदवार बनाया था। नई रणनीति के तहत भाजपा के दलित विधायकों से बातचीत और उनको कांग्रेस की मदद के लिए प्रभारी महासचिव की जिम्मेदारी अनुभवी मुकुल वासनिक को दी गई। वासनिक के सहयोगी के तौर पर प्रभारी सचिव कुलदीप इंदौरा को बनाया गया। यह दोनों नेता भी दलित वर्ग के हैं। सूत्रों ने बताया कि यह दोनों नेता पिछले कुछ दिनों से भाजपा के कुछ विधायकों से बात भी कर रहे हैं। हालांकि अभी तक कोई खास सफलता नहीं मिली है।

Cyclone Nisarga: महाराष्ट्र-गुजरात के तटीय इलाकों मे खतरा! गृह मंत्रालय ने ली जानकारी

गुजरात में अमीन बिगाड़ रहे समीकरण
गुजरात में भाजपा ने आखिरी समय में नरहरि अमीन को उम्मीदवार बनाकर कांग्रेस के समीकरण बिगाड़ दिए थे। लॉकडाउन से पहले कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए अपने विधायकों को जयपुर में कई दिनों तक रखा था। कांग्रेस को एक बार फिर से विधायकों को एकजुट रखने के लिए मशक्ïकत करनी पड़ रही है।

Show More
Mohit sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned