
Ramdas Athawale visits Kangana Ranaut Home, Bombay High Court orders to keep status quo
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को लेकर बढ़े मामले के बाद केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ( ramdas athawale ) ने गुरुवार को अभिनेत्री से उनके आवास ( Kangana Ranaut Home ) मुलाकात की। वहीं, गुरुवार को कंगना रनौत के दफ्तर में बीएमसी द्वारा की गई तोड़फोड़ को लेकर हुई बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद अदालत ने यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश सुनाया।
रनौत के दफ्तर में बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा की गई तोड़फोड़ के संबंध में अठावले गुरुवार शाम करीब 6.30 बजे अभिनेत्री के आवास पर पहुंचे। कुछ देर बाद अठावले ने रनौत के दफ्तर का भी दौरा किया और कंगना को अपना समर्थन देने का भरोसा जताया।
इससे पहले बुधवार को जब कंगना चंडीगढ़ से मुंबई आने वाली थीं, तब भी अठावले के राजनीतिक दल रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के सदस्यों को मुंबई हवाई अड्डे के बाहर एकजुटता दिखाने के मौजूद देखा गया था। गुरुवार को कंगना के घर पर मुलाकात के बाद अठावले ने इसके कई वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी शेयर किए।
एक वीडियो में कंगना से अठावले को यह कहते हुए देखा जा सकता कि चिंता न करें, वह उनसे सहमत हैं। जबकि दूसरे वीडियो में कंगना उनसे यह कह रही हैं, "हम सम्मानित हैं कि आप हमारे घर आए और हमें आपकी दुआओं की जरूरत है। आप जब भी हिमाचल प्रदेश आएं, कृपया हमें आपकी सेवा का मौका दें।"
हाईकोर्ट में बीएमसी बोली- कंगना पाक साफ नहीं
बॉम्बे हाईकोर्ट में बीएमसी ने गुरुवार को कंगना पर निशाना साधते हुए कहा, वह (कंगना) पाक साफ नहीं हैं। बीएमसी ने 9 सितंबर को कंगना रनौत के दफ्तर को ध्वस्त करने की चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान हलफनामा दायर कर बताया कि वहां कथित अनाधिकृत बदलावों के लिए उचित अनुमति नहीं ली गई थी। इसके साथ ही यह कार्रवाई पूरी तरह से लागू नियमों के उल्लंघन के बाद की गई। अब अदालत इस मामले की सुनवाई 22 सितंबर को करेगी।
बीएमसी की कानूनी टीम में शामिल वरिष्ठ अधिवक्ता अस्पी चिनॉय, वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल सखारे और अधिवक्ता जोएल कार्लोस ने अदालत को बताया कि कंगना ने इमारत के बिल्डिंग प्लान के अलावा कई अवैध निर्माण कर रखे थे, जिसकी सूचना उन्हें नोटिस में विस्तार से दी गई थी। कंगना ने अपनी याचिका में इन अवैध निर्माण पर कोई प्रश्न भी नहीं उठाया है, जिसके चलते बीएमसी की कार्रवाई पर विवाद खड़ा करना निराधार है।
इस पर न्यायमूर्ति एसजे कत्थावाला व आरआई छागला की बेंच ने इसे जल्दबाजी में गई कार्रवाई करार देते हुए इमारत को ढहाए जाने पर स्टे लगा दिया और यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए।
बीएमसी ने रनौत के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इसके जरिये अभिनेत्री उनके अवैध कामों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही हैं। बीएमसी ने कहा कि कंगना ने गलत बयान दिए हैं। कंगना ने माननीय न्यायालय से संपर्क किया है, लेकिन वह खुद पाक-साफ नहीं हैं।
Updated on:
11 Sept 2020 07:39 am
Published on:
10 Sept 2020 10:44 pm
बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
