
सरकार को लगता है कि मुझे खतरा नहीं है, इसलिए सुरक्षा हटाने का फैसला लिया।
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर अभी तक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला मुख्य रूप से बीजेपी और टीएमसी के बीच चल रहा था। अब इसमें टीएमसी के बागी नेता भी शामिल हो गए हैं। शुभेंदु अधिकारी के बाद पार्टी से इस्तीफा देने वाले बागी नेता जितेंद्र तिवारी ने दो अन्य बागी नेताओं के साथ एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कोलकाता रवाना होने से पहले कहा कि जब राज्य सरकार ने सोचा कि मेरा जीवन कीमती है तो उन्होंने मुझे सुरक्षा दी। अब सरकार को लगता है कि मुझे खतरा नहीं हो तो उन्होंने वापस ले लिया।
मुख्य सचिव और डीजीपी को दिल्ली बुलाया
बता दें कि शुभेंद्र अधिकारी का पार्टी से इस्तीफा देने के बाद से टीएमसी में भगदड़ की स्थिति है। शुक्रवार को टीएमसी के एक और विधायक श्रीभद्र दत्ता ने भी इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद पार्टी के अंदर जारी अंतरकलह को थामने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज पार्टी की आपात बैठक बुलाई है। दूसरी तरफ गृह मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और डीजीपी को आज पांच बजकर 30 मिनट पर बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया है।
Updated on:
18 Dec 2020 01:17 pm
Published on:
18 Dec 2020 01:12 pm
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