
2019 से पहले एनडीए में टकराव, आरएलएसपी ने भाजपा को दी जेडीयू छुटकारा पाने की सलाह
पटना। 2019 ने लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के सामने मुश्किलें आ रही है। बिहार में भाजपा के दो सहयोगी दल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) और जेडीयू आमने-सामने आ गए हैं। बात इतनी बढ़ गई है कि आरएलएसपी ने खुले तौर पर भाजपा को नसीहत दे डाली है कि उसे लोकसभा चुनाव से पूर्व नीतीश कुमार की पार्टी (जेडीयू) से निजात पानी होगी।
जेडीयू का सामाजिक आधार केवल 1.5 प्रतिशत
आरएलएसपी ने शनिवार को जेडीयू पर जमकर निशाना साधा। आरएलएसपी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि ने कहा कि जेडीयू का सामाजिक आधार केवल 1.5 प्रतिशत, जबकि उनकी पार्टी का 10 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि भाजपा को अब जेडीयू से छुटकारा पा लेना चाहिए। नागमणि यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पर एनडीए से बाहर निकलने का दबाव है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा को चेताते हुए कहा कि अगर उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के महागठबंधन में शामिल हो जाती है तो यह भाजपा के लिए घाटे का साबित होगा। आपको बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री की ओर से यह बयान उस समय आया जब भाजपा और जेडीयू के बीच राज्य में लोकसभा सीटों के बंटवारे को लेकर वार्ता अंतिम चरण में है। वहीं, आरएलएसपी नेता के बयान पर जेडीयू ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
सीटों के बंटवारे को लेकर भ्रम
उधर, आरएलएसपी के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता माधव आनंद का कहना है कि नीतीश पिछले साल जब एनडीए में शामिल हुए तब से सीटों के बंटवारे को लेकर भ्रम बना हुआ है। इसके पीछे बड़ा कारण यह है कि जेडीयू गठबंधन में खुद को बड़ा भाई होने का दावा पेश करती है।
Published on:
23 Sept 2018 09:51 am
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