
एस जयशंकर के साथ साझा प्रेस वार्ता में बोले पोम्पियो, दोनों देशों की साझेदारी छू रही नई ऊंचाईयां
नई दिल्ली। अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ( Mike Pompeo ) तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM narendra Modi ), विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ( foreign minister S Jaishankar ), एनएसए अजीत डोभाल ( nsa ajeet dobhal ) से मुलाकात की। इसके बाद पोम्पियो और एस जयशंकर दिल्ली में एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
विदेश मंत्री एस जय शंकर ने कहा कि अमरीका के साथ आतंकवाद समेत कई द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर बात हुई है। वहीं पोम्पियो ने कहा कि भारत और अमरीका की साझेदारी अब नई ऊंचाईयां छू रही है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी है और यह वास्तव में गहरे और व्यापक अभिसरण पर आधारित है जो पिछले कई वर्षों से लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने यह साफ कर दिया है कि इंडो-पैसिफिक किसी चीज के लिए है, न कि किसी के खिलाफ है। वह शांति, सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि के लिए है।
विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद समेत कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बातचीत हुई है। उम्मीद सीमा पार से हो रहे आतंकवाद पर नियंत्रण करने में दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
वहीं अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि अमरीका के लिए भारत एक महत्वपूर्ण साझेदार है। मौजूदा समय में जो भी मुद्दे सामने आए हैं, हम उन पर काम करने का तरीका खोज लेंगे। अमरीका की कोशिश है कि हर देश खुद के लिए सुरक्षा प्रदान कर सकता है।
भारत में व्यापार लाभ वापस लेने पर चर्चा नहीं
यह पूछे जाने पर कि क्या दो मंत्रियों ने सामान्यीकरण प्रणाली के तहत भारत में व्यापार लाभ वापस लेने के अमरीकी सरकार के फैसले पर चर्चा की, पोम्पियो ने कहा कि यह मुद्दा सामने नहीं आया। पोम्पियों ने कहा कि हालांकि, हम यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि सभी सही लोग सही स्थानों पर पहुंचें और समस्याओं को दूर करते हुए काम करें। यही नहीं ये लोग अपने देश की अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ाने के लिए भी काम करें।
अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संयुक्त राज्य अमरीका में भारतीयों के काम की बहुत प्रशंसा की जाती है। अमरीका में एक बड़ा भारतीय समुदाय है और भारत में एक बड़ा अमरीकी समुदाय है, उन्होंने कहा कि यू.एस. भारत की चिंताओं और हितों को लेकर गंभीर है।
Updated on:
26 Jun 2019, 7:45 PM IST
Published on:
26 Jun 2019, 3:59 PM IST
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