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सबरीमला: केरल में भाजपा निकालेगी सियासी रथयात्रा, वामपंथियों ने लगाया माहौल बिगाड़ने का आरोप

सबरीमला मंदिर पर भाजपा नेतृत्‍व का केरल में पार्टी का जनाधार मजबूत करने पर जोर।

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Dhirendra Kumar Mishra

Nov 01, 2018

sabrimala

सबरीमला: केरल में भाजपा निकालेगी सियासी रथयात्रा, वामपंथियों ने लगाया माहौल बिगाड़ने का आरोप

नई दिल्‍ली। सबरीमला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से केरल में राजनीति गरम है। इस फैसले को भाजपा केरल में जनाधार को मजबूत करने का एक बेहतर अवसर मानकर चल रही है। संभवत: इस बात को ध्‍यान में रखते हुए भाजपा शीर्ष नेतृत्‍व ने सबरीमला पर शीर्ष अदालत के फैसले का खुलकर विरोध किया है। 10 से 50 उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध को बरकरार रखने को लेकर अभियान भी छेड़ रखा है। पार्टी ने आठ नवंबर से 13 नवंबर राम मंदिर के तर्ज पर रथयात्रा निकालने की भी घोषणा कर दी है।

वोटों का ध्रुवीकरण
सबरीमला पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर केरल भाजपा इकाई काफी गंभीर है। पार्टी नेतृत्‍व की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद भाजपा प्रदेश इकाई ने राम मंदिर की तर्ज पर जनाधार मजबूत करने के लिए छह दिवसीय रथयात्रा निकालने की योजना तैयार की है। यात्रा का नेतृत्‍व भाजपा प्रदेश इकाई के अध्‍यक्ष पीएस श्रीधरण पिल्‍लई और सहयोगी पार्टी भारत धर्म जन सेना के अध्‍यक्ष और हिंदू इझावा समुदाय के नेता के नातेसन के पुत्र थूशर वेल्‍लप्‍पली करेंगे। इस यात्रा का मकसद केरल में हिंदू मतों सहित ईसाईयों और मुसलमानों का समर्थन हासिल करना है।

मधुर मंदिर से यात्रा की शुरुआत
इस यात्रा की शुरुआत आठ नवंबर को कासरगोड जिले के मधुर मंदिर से होगा और यह 13 नवंबर को सबरीमला बेस स्‍टेशन एरुमेली पर समाप्‍त हो जाएगा। इस दिन सुप्रीम कोर्ट में सबरीमला मुद्दे को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई भी करेगी। इसका मकसद सबरीमाला के मुद्दे पर भाजपा के जनाधार को केरल में बढ़ाने की है। राष्‍ट्रीय नेतृत्‍व भी इस यात्रा को सफल बनाने को लेकर गंभीर है। यही कारण है कि छह दिवसीय यात्रा पार्टी के कई राष्‍ट्रीय स्‍तर के नेता शामिल होंगे।

सबरीमला की पवित्रता नष्‍ट करना चाहती है केरल सरकार
भाजपा प्रदेश इकाई के अध्‍यक्ष पिल्‍लई ने कहा है कि यात्रा से न केवल हिंदू संगठनों बल्कि ईसाईयों और मुस्लिमों का समर्थन भी पार्टी हासिल करने का काम करेगी। इस यात्रा के दौरान भाजपा नेता 52 ईसाई संस्‍थानों के प्रमुखों और 12 इस्‍लामी केंद्रों के प्रमुखों से मिलकर उनका समर्थन और सहयोग हासिल करेंगेा उन्‍होंने कहा कि केरल में नास्किता में विश्‍वास करने वाली सरकार है। वामपंथी सरकार सबरीमला मंदिर में पवित्रता को नष्‍ट करने पर उतारू है। इस यात्रा में हिंदू धर्मगुरुओं को भी शामिल किया जा सकता है। भाजपा नेताओं ने बताया है कि इन यात्रा को एनडीए बैनर तले निकाला जा रहा हैा यही कारण कारण के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ कई हिदू और सामुदायिक संगठनों ने समर्थन देने की घोषणा की है। इतना ही नहीं इस आदोलन को तेज करने के लिए भाजपा का घर घर में जाकर एक लोगों से संपर्क किया जा रहा है। इसमें भाजपा को सफलता मिली है। वामपंथी नेताओं के परिवारों की महिलाओं ने भाजपा के इस प्रयास का समर्थन किया और इसे एक बेहतर प्रयास माना जा रहा है।

सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने का आरोप
दूसरी तरफ भाजपा की इस योजना से केरल सरकार सकते में है। सत्‍तारूढ़ वाम डेमोक्रेटिक फ्रंट के संयोजक और सीपीआई-एम केंद्रीय समिति के सदस्‍य ए विजय राघवन ने कहा कि भाजपा की इस मुद्दे पर राज्‍य में कानून व्‍यवस्‍था को तोड़ने की मंशा है। भाजपा राम मंदिर की तरह केरल में भी सांप्रदायियकता केा बढावा देकर लोगों का ध्रुवीकरण करना चाहती है। पार्टी की राज्‍य में अराजक माहौल पैदा करने की भी योजना है। भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने हर कीमत पर प्रदेश में दंगा फैसला चाहते हैं।