27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सबरीमला विवाद: पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेगी केरल सरकार, महिलाओं का ऐतिहासिक मार्च कल

भाजपा सहित तमाम विपक्षी दलों ने महिलाओं के प्रवेश का विरोध करने का निर्णय लिया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Dhirendra Kumar Mishra

•

Updated: 16 Oct 2018, 12:13 PM IST

सबरीमला मंदिर

सबरीमला विवाद: पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेगी केरल सरकार, महिलाओं का ऐतिहासिक मार्च कल

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर त्राणवकोर देवसोम बोर्ड ने तांत्री (प्रमुख पुरोहित) परिवार, पंडलाम राजपरिवार और अयप्पा सेवा संघम समेत अलग-अलग संगठनों की मंगलवार को बैठक हुई। इस बैठक में फैसला लिया गया है कि केरल सरकार शीर्ष अदालत के फैसले को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेगी। दूसरी तरफ मंदिर में प्रवेश को लेकर महिलाएं बुधवार को ऐतिहासिक मार्च निकालेंगी। कल महिला संगठनों ने उसमें प्रवेश की योजना बनाई है। वहीं इस बात को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। भाजपा सहित तमाम विपक्षी दलों ने महिलाओं के प्रवेश का विरोध करने का निर्णय लिया है। दोनों पक्षों के बीच समझौता न पाने की वजह से तनाव की स्थिति बनी हुई है।

पूजा की तैयारियां पूरी
आपको बता दें कि बुधवान यानी 17 नवंबर से सबरीमला मंदिर में पांच दिनों की पूजा शुरू होगी। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सबरीमाला मंदिर में बुधवार को महिलाओं का प्रवेश होना है। केरल की वामपंथी सरकार ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। बुधवार को सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश शुरू हो जाएगा। इसके लिए केरल की वामपंथी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।

भाजपा का विरोध जारी
दूसरी ओर भाजपा सहित कई धार्मिक संगठन और पार्टियों ने महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ पूरे राज्य में मोर्चा खोल दिया है। महिलाओं के प्रवेश से पहले इसके विरोध में सियासत शुरू हो गई है। भाजपा ने सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध करने का निर्णय लिया है। भाजपा ने सोमवार को तिरुवनंतपुरम में इसको लेकर विशाल मार्च निकाला। इस मार्च में भारी संख्‍या में लोग शामिल हुए थे। चेन्‍नई और दिल्‍ली में कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी फैसले के विरोध मार्च निकाला था।

कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं
प्रवेश को लेकर केरल के सीएम पिनारई विजयन ने मंगलवार को साफ कर दिया कि सबरीमला मंदिर मुद्दे पर किसी को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सरकार श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने के लिए सभी जरूरी बंदोबस्त करेगी। सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को चुनौती देने के लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट में कोई समीक्षा याचिका नहीं डालेगी। विजयन ने कहा कि उनकी सरकार कोर्ट को बता चुकी है कि उसके आदेश का हर हाल में पालन किया जाएगा।

बड़ी खबरें

View All

राजनीति

ट्रेंडिंग