
सज्जाद लोन: राज्यपाल के कहने पर पेश किया था सरकार बनाने का दावा
नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर विधानसभा भंग करने को लेकर जारी विवाद अभी थमा नहीं है। अब इस बात को लेकर विरोधी पार्टियों के बदले केंद्र समर्थक लॉबी ज्यादा परेशान हैं। इस मामले में राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बयान के बाद पीपुल्स कॉन्फ्रेंस नेता सज्जाद लोन ने जानी बयान में घटनाओं को तोड़ मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है। लोन ने दावा किया है कि उन्होंने राज्यपाल के कहने पर ही सरकार बनाने के दावा पेश किया था। जबकि राज्यपाल ने बयान दिया है कि केंद्र की चलती तो मुझे सज्जाद लोन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना पड़ता। लेकिन हमने वैसा नहीं किया और बहुमत न होने की वजह से विधानसभा भंग करने का निर्णय लिया। बता दें कि राज्यपाल मलिक ने मंगलवार को कहा था कि केन्द्र सरकार सज्जाद लोन को मुख्यमंत्री बनवाना चाहती थी, लेकिन अगर वह ऐसा करते तो बेईमानी होती। इसलिए उन्होंने विधानसभा भंग करने का फैसला किया।
सही तस्वीर पेश नहीं कर रहे हैं राज्यपाल
पीपल्स कांफ्रेंस के नेता सज्जाद लोन ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बयान आने के बाद कहा कि मैं पिछले तीन चार दिन से देख रहा हूं कि सच को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। कई घटनाओं को एकदम गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। दुखद यह है कि ऐसा करने वालों में राज्यपाल भी शामिल हैं। लोन ने दावा किया कि राज्यपाल ने उनसे फैक्स भेजने के लिए कहा और उसके बाद करीब तीन घंटे की कोशिश के बाद भी उनकी पार्टी फैक्स भेजने में सफल नहीं हुई। राज्यपाल के सचिव ने भी फोन उठाना बंद कर दिया जबकि पहले उनके माध्यम से ही उनकी मलिक से बात हुई है। आपको बता दें कि जिस वक्त पीपुल्स कॉन्फ्रेंस फैक्स भेजने की कोशिश कर रही थी उसी दौरान पीडीपी ने सोशल मीडिया पर अपनी चिट्ठी जारी कर दी। लोन ने तो यहां तक कह दिया कि मुझे नहीं पता कि उन्होंने सरकार बनाने का दावा क्यों किया। हम दावा करने वाले हैं इसलिए या ये उनका खुद का फैसला था।
Published on:
28 Nov 2018 07:53 am
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