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जम्‍मू-कश्‍मीर: राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक बोले, सरकार नहीं बनाना चाहते थे महबूबा और उमर

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा भंग करने के मुद्दे पर लगातार अपनी ओर से सफाई दे रहे हैं। अब उन्‍होंने कहा कि सरकार बनाना पीडीपी और एनसी का मकसद नहीं था।
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जम्‍मू-कश्‍मीर: राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक बोले, सरकार नहीं बनाना चाहते थे महबूबा और उमर

नई दिल्‍ली। जम्मू और कश्मीर विधानसभा भंग करने को लेकर सियासी उठापटक जारी है। राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक ने एक बार फिर दोहराया है कि उनका यह निर्णय बिल्‍कुल सही था। उन्‍होंने कहा कि अगर सरकार गठन को लेकर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख उमर अब्‍दुल्‍ला गंभीर होते तो हमसे मिल सकते थे। किसी के हाथों पत्र भेज सकते थे या फोन कर सकते थे। उन लोगों ने ऐसा कुछ नहीं किया। ये बात सत्यपाल मलिक ने एक निजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कही।

लोन को बुलाना ठीक नहीं होता
जम्‍मू और कश्‍मीर के राज्‍यपाल ने कहा कि ईद मिलाद उन नबी के दिन रसोइया भी छुट्टी पर था। श्रीनगर और जम्मू के बीच कई उड़ानें हैं। अगर वे सरकार बनाने को लेकर संजीदा थे तो किसी को भी भेज सकते थे। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती ने मुझसे एक हफ्ते पहले कहा था कि उनके एमएलए को धमकाया जा रहा है। मलिक ने कहा कि सज्जाद लोन भी कह रहे थे कि उनके पास भी पर्याप्त विधायक हैं। उनके एमएलए को भी धमकाया जा रहा है। ऐसे में मैं लोन को मौका देकर पक्षपात नहीं करना चाहता था। ऐसा करता तो उसे पक्षपात माना जाता। बता दें कि पीडीपी, एनसी और कांग्रेस द्वारा सरकार गठन को लेकर प्रयास तेज करने के बाद जम्‍मू और कश्‍मीर के राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक ने विधानसभा भंग कर दिया था।