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धारा 377 के बहाने शशि थरूर का केंद्र पर हमला, अब बेडरूम में सरकार के लिए कोई जगह नहीं

शशि थरूर ने समलैंगिकता को अपराध नहीं करार देने का फैसला 'आजादी की सुबह' है।
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Chandra Prakash Chourasia

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Updated: 6 Sep 2018, 8:47 PM IST

Section 377 Shashi Tharoor says Government has no space in bedrooms

धारा 377 के बहाने थरूर का केंद्र पर हमला, बेडरूम में सरकार के लिए कोई जगह नहीं

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय के समलैंगिकता को अपराध नहीं करार देने के फैसले को 'आजादी की सुबह' करार दिया और कहा कि बेडरूम में सरकार के लिए कोई जगह नहीं है। शीर्ष अदालत द्वारा भारत में एलजीबीटीआईक्यू (समलैंगिक समुदाय) के पक्ष में फैसला सुनाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले को सुनकर वह बहुत खुश हैं।

यह आजादी की सुबह है: शशि

थरूर ने कहा कि हमने सरकार को अपनी निजी जिंदगियों में तांकझांक करने की इजाजत दी थी लेकिन शीर्ष न्यायालय लोगों की गरिमा को बरकरार रखने के साथ खड़ा है। यह सेक्स नहीं है, यह आजादी है क्योंकि सरकार के लिए बेडरूम में कोई जगह नहीं है, यह वयस्कों के बीच होने वाले निजी कृत्य हैं। यह आजादी की सुबह है। बीजेपी पर हमला बोलते हुए थरूर ने कहा कि लोकसभा में उन्होंने दो मौकों पर निजी विधेयक लाने का प्रयास किया लेकिन भारतीय जनता पार्टीसदस्यों द्वारा उन्हें ऐसा नहीं करने दिया गया। थरूर ने कहा कि तब मैंने कहा था कि केवल न्यायपालिका ही ऐसा कर सकती है और यह फैसला उन बीजेपी नेताओं के लिए शर्म की बात है, जिन्होंने इसका विरोध किया था।

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सहिष्णु समाज की ओर महत्वपूर्ण कदम: कांग्रेस

कांग्रेस ने समलैंगिकता को अपराध नहीं करार देने के फैसले को 'बेहद महत्वपूर्ण' बताया और कहा कि यह एक उदार और सहिष्णु समाज की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक ट्वीट में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का धारा 377 पर फैसला बेहद महत्वपूर्ण है। एक पुराना औपनिवेशिक कानून जो आज के आधुनिक समय की सच्चाई से अलग था, समाप्त हो गया, मौलिक अधिकार बहाल हुए हैं और लैंगिक-रुझान पर आधारित भेदभाव को अस्वीकार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह एक उदार और सहिष्णु समाज की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।

समलैंगिकता वैध वाला 27वां देश बना भारत

एलजीबीटीआईक्यू कार्यकर्ता आर. रेनजु ने इस ऐतिहासिक फैसले पर खुशी जताई और शीर्ष अदालत की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक भारतीय होने के नाते मैं हमेशा गर्व महसूस करता हूं और अब हम 27वें देश बन गए हैं, जिसने समलैंगिकता को वैध किया है। अब मुझे भारतीय होने पर और भी ज्यादा गर्व है।