29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हमले से SGPC आहत, जांच करने पाकिस्तान भेजेगा प्रतिनिधिमंडल

एसजीपीसी भेजेगा चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल। कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह लोंगोवाल ने दी जानकारी। पाकिस्तान में पंजाब के सीएम-राज्यपाल से भी करेगा मुलाकात।

2 min read
Google source verification
sgpc president Gobind Singh Longowal

चंडीगढ़। पाकिस्तान के ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुए हमले के बाद से देश में इसे लेकर काफी आक्रोश और विरोध प्रदर्शन होने शुरू हो गए हैं। तमाम राजनीतिक दलों ने भी इस मामले को लेकर पाकिस्तान पर करारा हमला किया है। अब इस मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने भी घोषणा की है कि वो पाकिस्तान जाकर वहां पर सिखों के हालात का जायजा लेंगे।

ननकाना साहिब हमले के बाद कहां भाग गए कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्ध, भाजपा सांसद ने पूछा सवाल

इस संबंध में SGPC का कहना है कि जल्द ही कमेटी की ओर से चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान जाएगा और वहां पर पूरे हालात का जायजा लेगा। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल गुरुद्वारा का निरीक्षण करने के साथ ही वहां रहने वाले सिखों से भी मुलाकात करेगा।

देश में सिखों की सर्वोच्च संस्था एसजीपीसी के अध्यक्ष गोविंद सिंह लोंगोवाल ने इस संबंध में मीडिया से कहा, "यह प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में पंजाब के मुख्यमंत्री और गवर्नर से मुलाकात करने जाएगा। इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल स्थानीय अधिकारियों से मिलकर अनुरोध करेगा कि इस संबंध में पाकिस्तान सरकार तुरंत कदम उठाए।"

ब्रेकिंगः भाजपा सांसद ने दी ओवैसी को धमकी, 'उल्टा टांगकर दाढ़ी काट दूंगा, अभी तक इलाज करा रहा है भाई'

लोंगोवाल ने आगे कहा, "वहां के अधिकारियों को चाहिए कि ऐसी व्यवस्था करें कि भविष्य में इस तरह की घटना न हो क्योंकि सिखों के सर्वोच्च धार्मिक और पवित्र स्थल पर हुए इस हमले से दुनियाभर के सिख काफी आहत हुए हैं।"

इससे पहले कई सिख समूह हमले की निंदा करने के लिए शनिवार को नई दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त के सामने विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्लामाबाद में अपने समकक्ष इमरान खान के साथ देश में अल्पसंख्यकों के मुद्दे को उठाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान में अल्संख्यक बेहद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

Story Loader