
कंगना के दफ्तर में तोड़फोड़कर बीएमसी ने नियमों का पालन किया।
नई दिल्ली। सुशांत सिंह राजपूत मामले को लेकर अभिनेत्री कंगना रनौत और शिवसेना के बीच जारी आर—पार की जंग में अब एनसीपी प्रमुख व मराठा क्षत्रप शरद पवार ( Sharad Pawar ) भी कूद पड़े हैं। उन्होंने कंगना रनौत का नाम लिए बगैर सीएम उद्धव ठाकरे का बचाव किया है। इस मामले में शरद पवार ने कहा कि कंगना रनौत के दफ्तर में हुई तोड़फोड़ महाराष्ट्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
इस मामले में बेवजह उद्धव ठाकरे को निशाने पर सियासी कारणों से लिया जा रहा है। तोड़फोड़ का यह निर्णय बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने लिया था। ऐसे कर बीएमसी ने अपने नियमों का पालन किया। उन्होंने कहा है कि ये महाराष्ट्र सरकार या किसी और का निर्णय नहीं बल्कि हमारा निर्णय है।
इससे पहले एनसीपी प्रमुख ने कहा था कि अभिनेत्री कंगना रनौत के ट्विट और बयानों को तवज्जो दिया जा रहा है। महाराष्ट्र के लोग उनकी टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। शरद पवार ने इस बात पर भी जोर दिया कि चालू सप्ताह के शुरू में कंगना को मिली धमकी को वह गंभीरता से नहीं लेते हैं।
एनसीपी प्रमुख पवार ने कहा कि महाराष्ट्र और मुंबई के लोगों को राज्य पुलिस के काम काज के तरीकों के बारे में पता है। इसलिए हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है कि कौन क्या कहता है। कंगना को मिली धमकी के बारे में पूछे जाने पर शरद पवार ने कहा कि मुझे अभी-अभी धमकी भरे कॉल का रिकॉर्ड दिया गया है। इस तरह के कॉल मुझे आए हैं। हम इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं।
वहीं बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने कहा था कि वह जिस इमारत में रहती हैं वह शरद पवार से संबंधित है। लेकिन शरद पवार ने गुरुवार को ऐसे दावों का सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कंगना ने इस बारे में जो कुछ कहा है वो आधारहीन हैं।
इसका पलटकर जवाब देते हुए कंगना रनौत ने एक ट्वीट कर बताया की यह सिर्फ मेरे लिए नहीं बल्कि पूरी इमारत के लिए था और यह सिर्फ मेरे फ्लैट का मुद्दा नहीं है बल्कि एक इमारत का मुद्दा है। यह इमारत शरद पवार से संबंधित है। हमने उनके हिस्सेदार से फ्लैट खरीदा है। इसलिए वह इसके लिए जवाबदेह हैं, न कि मैं।
Updated on:
11 Sep 2020, 7:35 PM IST
Published on:
11 Sep 2020, 4:27 PM IST
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