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शिवसेना ने मांगा महाराष्ट्र के महाधिवक्ता का इस्तीफा

महाराष्ट्र के महाधिवक्ता ने कहा कि विधायकों को इस मुद्दे को सदन में उठाने का हक है और यहां तक कि सेना भी इस मुद्दे को उठा सकती है।

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Vikas Gupta

Dec 07, 2015

Shiv Sena

Shiv Sena

मुंबई। शिवसेना ने सोमवार को महाराष्ट्र के महाधिवक्ता श्रीहरि अनेय के इस्तीफे की मांग की। श्रीहरि ने अलग विदर्भ राज्य के गठन को जरूरी बताते हुए इसके कारण गिनाए, जिसका विदर्भ समर्थक दलों ने समर्थन किया। श्रीहरि ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए। इस पर ऐतराज जताते हुए शिवसेना के सांसद संजय राउत ने महाधिवक्ता के इस्तीफे की मांग की।

इस बीच श्रीहरि ने अपने बयान पर कायम रहते हुए कहा कि वह शिवसेना की भावनाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्होंने जो कहा कि वह 'ऐतिहासिक रूप से सही है। महाराष्ट्र के महाधिवक्ता ने कहा कि विधायकों को इस मुद्दे को सदन में उठाने का हक है और यहां तक कि सेना भी इस मुद्दे को उठा सकती है। हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने इस मुद्दे को न उठाने की अपील की। श्रीहरि ने रविवार को अपनी किताब 'विदर्भ गाथा के लोकार्पण समारोह में इस मुद्दे के लिए जनमत संग्रह की बात कही थी और साथ ही कहा था कि 51 प्रतिशत लोग इसके हक में वोट करेंगे। केंद्र को महाराष्ट्र से अलग विदर्भ राज्य की स्थापित होनी चाहिए।

श्रीहरि ने कहा कि विदर्भ राज्य गठन के मुद्दे पर अगर राय ली जाए तो क्षेत्र के 80 प्रतिशत से अधिक लोग इसके पक्ष में वोट करेंगे। यही कारण है कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। श्रीहरि का समर्थन करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विदर्भ राज्य आंदोलन समिति (वीआरएएस) की भावना के मुख्य स्रोत विक्रम बोके ने कहा कि पिछले साल अकोला, अमरावती, बांद्रा, चंद्रापुर, नागपुर और यावतमाल में किए गए एक छोटे से जनमत संग्रह से यह पता चला कि अलग राज्य की स्थापना के हक में कुल 97 लोगों ने वोट दिया।

बोके ने बताया कि विदर्भ में रहने वाले ढाई करोड़ लोगों को लगता है कि इस क्षेत्र को गैर विदर्भ के नेताओं और पार्टियों द्वारा किए गए सौतेले व्यवहार का खामियाजा भुगतना पड़ा है। हमारे मुख्य कार्यकर्ताओं की ओर से मैं भारतीय जनता पार्टी से उनके चुनावी वादों को पूरा करने और एक अलग विदर्भ राज्य के गठन का आग्रह करता हूं।

श्रीहरि के बयान की आलोचना करते हुए विधान परिषद में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय दत्त ने सवालिया लहजे में कहा कि पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले महाधिवक्ता जैसे संवैधानिक अधिकारी महाराष्ट्र का विभाजन कर एक अलग राज्य की मांग कैसे कर सकते हैं? बोके ने कहा कि लोगों की मानसिकता और धारणा अलग है और वे सोचते हैं कि 'एक अलग राज्य में उनकी अनूठी पहचान संरक्षित रहेगी।

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