
सुप्रीम कोर्ट में VVPAT पर अहम सुनवाई आज, 50% पर्ची मिलान की मांग अड़े हैं विपक्षी दल
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को EVM-VVPAT मुद्दे पर विपक्षी दलों को बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद 21 विपक्षी दलों की याचिका को खारिज कर दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि एक ही मामले को बार-बार नहीं सुना जा सकता है। बता दें कि 21 विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर EVM-VVPAT मुद्दे पर पुनर्विचार की मांग की थी। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने की। सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं।
विपक्ष की मांग 6.75 लाख मशीनों के मिलान की है
बता दें कि अभी तक चुनाव आयोग 4,125 ईवीएम और वीवीपैट पर्ची का मिलान कराता आया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव आयोग को 20,625 ईवीएम और वीवीपैट का मिलान कराना होगा। वर्तमान में वीवीपैट पेपर स्लिप मिलान के लिए प्रति विधानसभा क्षेत्र में केवल एक ईवीएम लिया जाता है। एक ईवीएम प्रति विधानसभा क्षेत्र के 4,125 ईवीएम के वीवीपीएटी पेपर्स से मिलान कराया जाता है। लेकिन 21 राजनीतिक दलों के नेताओं ने लगभग 6.75 लाख ईवीएम की वीवीपीएटी पेपर स्लिप के मिलान की मांग की है।
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विपक्ष का आरोप
आंध्र के सीएम और टीडीपी अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि दुनिया के 191 देशों में से मात्र 18 देशों ने ईवीएम को अपनाया है, जिनमें से 3 देशों के 10 सबसे अधिक आबादी वाले देशों में शामिल हैं। नायडू ने चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है और उनमें गड़बड़ी भी पैदा होती है। इसके अलावा इनकी प्रोग्रामिंग भी की जा सकती है। उनका कहना है कि नए वीवीपैट में वोटर स्लिप मात्र 3 सेकेंड में कैसे दिखाई देता है जबकि इसे 7 सेकेंड में दिखाई देना चाहिए। उनका आरोप है कि भाजपा ईवीएम से छेड़छाड़ कर वोट हासिल कर सकती है।
Updated on:
07 May 2019 08:39 pm
Published on:
07 May 2019 09:11 am
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