13 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अग्रिम जमानत के लिए 4 दिन में कोलकाता हाईकोर्ट का रूख करें GJM नेता: सुप्रीम कोर्ट

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा नेताओं की याचिका पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने GJM नेताओं का भेजा कोलकाता हाईकोर्ट ममता सरकार पर फर्जी मुकदमा लगाने का आरोप

less than 1 minute read
Google source verification
Supreme Court

अग्रिम जमानत के लिए 4 दिन में कोलकाता हाईकोर्ट का रूख करें GJM नेता: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। गोरखालैंड की मांग करने वाली गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) के नेता बिमल गुरुंग की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने गुरुंग समेत उनके साथी 6 नेताओं को कोलकाता हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। याचिका के लिए नेताओं को चार दिन का समय दिया गया है।

हाईकोर्ट को जल्द निपटारे का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट में इन नेताओं ने दलील दी है कि पश्चिम बंगाल की ममता सरकार इन्हे लोकसभा चुनावों से दूर रखने की साजिश कर रही है। इसी वजह से गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के लोगों पर कई फर्जी मामला चलाए जा रहे हैं। नेताओं की दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता हाईकोर्ट को आदेश दिया है कि मोर्चा के इन नेताओं की अग्रिम जमानत की याचिका का निपटरा जल्द से जल्द करें।

सिलीगुड़ी में बोले पीएम- 'TMC के पेरोल पर गुंडागर्दी करने वाले ठीक किए जाएंगे'

विरोध करने वालों पर केस कर रही सरकार: गुरुंग

बिमल गुरुंग समेत फरार चल रहे इन नेताओं ने अपनी याचिका में ये भी कहा था कि जो लोग पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी टीएमसी के सहयोगी बन गए, उनके मुकदमे रद्द किए जा रहे हैं। लेकिन जो लोग ऐसा नहीं कर रहे उनकी गिरफ्तारी की जा रही है। इस वजह से वे चुनाव में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं।

क्या है पूरा मामला

पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुंग के खिलाफ दर्ज 53 केस की सूची दाखिल करते हुए कहा था कि वह अन्य 24 मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं। राज्य की पुलिस ने दावा किया था कि गोरखालैंड की मांग के लिए दार्जिलिंग पहाड़ियों में हुई घटनाओं के बाद ही गुरुंग अपने साथियों के साथ फरार हो गए हैं।