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तमिलनाडु में बीजेपी को NOTA से भी कम वोट, दिनाकरन का दिखा दम

इस चुनाव में तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी कारु नागराज को 1,417 वोट प्राप्त हुए । जबकि नोटा में 2,373 वोट पड़े।

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चेन्नई: उपचुनाव में सबकी नजरें तमिलनाडु की आरके नगर विधानसभा सीट पर टिकी थीं, जहां शशिकला के भतीजे और निर्दलीय उम्मीदवार टीटीवी दिनकरन ने बड़ी जीत हासिल की है। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के निधन से खाली सीट पर दिनकरन ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एआईएडीएमके प्रत्याशी ई मधसूदनन को 40,707 वोटों से हराया है। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े दिनकरन को 8 9013 वोट मिले, जो कुल वोटों का 50.32 प्रतिशत रहा। दूसरे स्थान पर रहे सत्तारूढ़ एआईएडीएमके के उम्मीदवार ई.मधुसूदनन को 48,306 मत प्राप्त हुए। इनका मत प्रतिशत 27.31 रहा। जयललिता यहां से पिछले चुनाव में 39,545 वोटों से जीती थीं और उन्हें 97,218 मत मिले थे। यह चुनाव परिणाम सत्तारूढ़ एआईएडीएमके के लिए गहरा झटका है। 2004 के बाद सत्तारूढ़ दल की उपचुनाव में पहली हार है।

नोटा से भी कम वोट मिले बीजेपी को

डीएमके के मरुदु गणेशन को इस चुनाव में 24,651 मत मिले। जबकि भारतीय जनता पार्टी के कारु नागराज को 1,417 वोट प्राप्त हुए। नोटा में 2,373 वोट पड़े। यानी दक्षिण भारत में मोदी मैजिक नहीं चला। इस चुनाव में 59 उम्मीदवार मैदान में थे और इसमें 1,76 ,8 90 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। उल्लेखनीय है कि मतदान के एक दिन पहले ही जयललिता का कथित वrडियो फुटेज जारी किया गया था। बहुचर्चित इस उपचुनाव में करोड़ों रुपए मतदाताओं में बांटे जाने का भी आरोप लगा था।

57 प्रत्याशियों की जमानत जब्त

इस उपचुनाव की खास बात यह रही कि 59 में से डीएमके समेत 57 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। मतदान के पहले चरण के समाप्त होने के बाद जैसे ही दिनकरन ने बढ़त हासिल की, दिनकरन एवं एआईएडीएमके समर्थकों में झड़प शुरू हो गई। इसके कारण लगभग 30 मिनट तक मतगणना रोक दी गई। हालांकि पहले दौर की मतगणना के रुझान आने के साथही दिनकरण समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया और जमकर आतिशबाजी भी की। कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।

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